उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध महिलाएँ | uttrakhand ki prasiddh mahilayen

उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध महिलाएँ

उत्तराखण्ड के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान के निर्माण में राज्य की वीरांगनाओं तथा प्रतिभावान महिलाओं का अद्वितीय योगदान रहा है। "उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध महिलाएँ" विषय UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इस लेख से परीक्षा में अक्सर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • 'नाक कटनी रानी' के नाम से प्रसिद्ध रानी कर्णावती, कुमाऊँ की लक्ष्मीबाई 'जियारानी' और गढ़वाल की झाँसी की रानी 'तीलू रौतेली' के अदम्य साहस और शौर्य की गाथाएँ।
  • विश्व प्रसिद्ध 'चिपको आन्दोलन' की प्रणेता गौरा देवी (चिपको वुमेन) और शराब विरोधी आन्दोलन की मुखर आवाज 'टिंचरी माई' के समाज सुधार और पर्यावरण संरक्षण के कार्य।
  • साहित्य के क्षेत्र में राज्य का मान बढ़ाने वाली गौरा पन्त 'शिवानी' व मृणाल पाण्डे की प्रमुख रचनाओं और उपलब्धियों के परीक्षापयोगी तथ्य।
  • राज्य की प्रथम महिला द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हंसा मनराल, पहली महिला सैन्य अधिकारी कैप्टन भावना गुरुनानी और उत्तराखण्ड की प्रथम महिला कुलपति सुशीला डोभाल के शानदार सफर की जानकारी।

रानी कर्णावती

  • गढ़वाल नरेश महिपतशाह की पत्नी थीं।
  • 1635 ई. में शाहजहाँ के सेनापति नजाबत खाँ से वीरतापूर्वक युद्ध किया।
  • मुगलों की नाक कटवाने के कारण नाक कटनी रानी कहलाईं।
  • देहरादून का करनपुर गाँव बसाया; नवादा में महल था।
  • डॉ. शिवप्रसाद डबराल ने इन्हें 'नाक कटनी रानी' कहा।

जियारानी (मौला देवी)

  • पिंगला/प्योंला नाम से प्रसिद्ध, प्रीतम देव की पत्नी।
  • कुमाऊँ की लक्ष्मीबाई एवं न्याय की देवी के रूप में प्रसिद्ध।
  • तैमूर लंग से रानीबाग में युद्ध; विजय के उपलक्ष्य में घुघुतिया त्योहार की परम्परा।
  • समाधि: चित्रशिला या रानीबाग, पिथौरागढ़।

तीलू रौतेली

  • जन्म - 8 अगस्त, 1661 गुराड़ गाँव, पौड़ी
  • कत्यूरी शासकों से संघर्ष किया
  • वीरगति: पूर्वी नयार नदी तट पर
  • गढ़वाल की झाँसी की रानी कही जाती हैं।
  • स्मृति में तीलू रौतेली जयन्ती (8 अगस्त), वीरोंखाल में मूर्ति, रिखाणीखाल में मेला।

गौरा पन्त 'शिवानी'

  • जन्म - 17 अक्टूबर, 1923 कुमाऊँ
  • उपलब्धि - सुप्रसिद्ध साहित्यकार
  • पुत्री - मृणाल पाण्डे
  • प्रमुख रचनाएँ - विषकन्या, चौदह फेरे, भैरवी, करिए छिमा, कैजा।

सुशीला डोभाल

  • जन्म - वर्ष 1928 उत्तराखण्ड
  • कार्यकाल - गढ़वाल विश्वविद्यालय (1977, 1984-85)
  • ये उत्तराखण्ड की प्रथम महिला कुलपति हैं।

मृणाल पाण्डे

  • जन्म - फरवरी, 1946 टीकमगढ़
  • प्रसिद्ध कृतियाँ - दरम्यान, शब्दभेदी, पटरंगपुर पुराण, काज की कोठी, चोर निकल भागा
  • उपलब्धि लेखक, पत्रकार, सम्पादक, मूर्तिशिल्पी व संगीतज्ञ
  • इनका दूरदर्शन में भी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

कैप्टन भावना गुरुनानी

  • जन्म - जनवरी, 1972 सूरी गाँव, अल्मोड़ा
  • राज्य की प्रथम महिला सैन्य अधिकारी के रूप में सम्मानित।

उर्वशी रौतेला

  • जन्म - 25 फरवरी, 1994 कोटद्वार
  • अभिनेत्री व सुपर मॉडल; मिस दीवा 2015 विजेता, मिस यूनिवर्स वर्ष 2015 में भारत का प्रतिनिधित्व

टिंचरी माई (ठगुली देवी)

  • शराब विरोधी आन्दोलन में सक्रिय; टिंचरी (देशी शराब) का विरोध किया।
  • शिक्षा व जलापूर्ति के सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं।
  • निधन 19 जून, 1992 (लगभग 80 वर्ष की आयु में)

गौरा देवी

  • जन्म वर्ष 1925 - लाता गाँव (टिहरी)
  • नारा ‘मारो गोली और काट लो हमारा मायका’
  • पुरस्कार - वृक्ष मित्र पुरस्कार (1986)
  • निधन - जुलाई, 1991
  • चिपको आन्दोलन की अग्रणी; चिपको वुमेन के रूप में प्रसिद्ध

हंसा मनराल

  • जन्म - 17 मई, 1957 (उत्तराखण्ड)
  • राज्य की प्रथम महिला गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्तकर्ता
  • एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में राष्ट्रीय प्रदर्शन, प्रशिक्षक
  • लाइफटाइम अचीवमेण्ट अवॉर्ड - 2015 (राज्य सरकार द्वारा)
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।