उत्तराखण्ड का विधानमण्डल

उत्तराखण्ड का विधानमण्डल

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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • विधानसभा का स्वरूप और परिसीमन: राज्य विधानसभा का गठन, 70 सीटों का आवंटन (SC/ST आरक्षण) और परिसीमन आयोग (2001 और 2006) का विस्तृत इतिहास।
  • अन्तरिम और प्रथम विधानसभा के रोचक तथ्य: राज्य गठन के समय बनी 30 सदस्यीय अन्तरिम विधानसभा, प्रथम निर्वाचित सरकार, पहले मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
  • पाँचवीं विधानसभा (2022) और महत्वपूर्ण आंकड़े: हालिया विधानसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत, महिला विधायकों की संख्या, और राज्य के मुख्यमंत्रियों के सबसे लंबे व सबसे छोटे कार्यकाल से जुड़े रोचक तथ्य।
  • लोकसभा/राज्यसभा सीटें और ऐतिहासिक तथ्य: राज्य में संसद के प्रतिनिधित्व और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाले देश के पहले राज्य के रूप में उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि।

राज्य विधानसभा

संविधान के अनुच्छेद-170 में विधानसभा के गठन का प्रावधान किया गया है। राज्य विधानसभा के लिए अधिकतम सदस्यों की संख्या 500 तथा न्यूनतम सदस्यों की संख्या 60 निर्धारित की गई है।
राज्य विधानसभा के लिए सीटों का आवंटन परिसीमन आयोग ने वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर वर्ष 2026 तक के लिए किया है।
अनुच्छेद-178 के अनुसार, राज्य की विधानसभा अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष एवं एक उपाध्यक्ष का चुनाव करते हैं। आमतौर पर अध्यक्ष सरकार बनाने वाली पार्टी का होता है।
उत्तराखण्ड स्वतन्त्रता के बाद एक समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। UKPSC 2025

उत्तराखण्ड विधानसभा का गठन

  • राज्य के विधानमण्डल का स्वरूप एकसदनात्मक (विधानसभा) है।
  • उत्तराखण्ड विधानसभा में 70 सीटें हैं; 13 सीट अनुसूचित जाति एवं 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
  • उत्तराखण्ड विधानसभा में वर्ष 2019 से पहले तक एक सीट एंग्लो-इण्डियन के लिए आरक्षित थी, जिसे 104वें संशोधन द्वारा समाप्त कर दिया गया है। पटवारी/लेखपाल 2023
  • गठन के पश्चात् राज्य का पहला परिसीमन 5 नवम्बर, 2001 को हुआ।
  • राज्य का वर्ष 2006 में पुनः परिसीमन न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में हुआ।
  • 2006 के परिसीमन में 6 पर्वतीय विधानसभा सीटों को समाप्त कर दिया गया।
  • इसमें धुमाकोट एवं थलीसैंण, नन्दप्रयाग, भिकियासैंण, कनालीछीना और काण्डा सीट शामिल हैं।
  • वर्ष 2012 का विधानसभा चुनाव वर्ष 2006 के परिसीमन के आधार पर।
  • वर्तमान में उत्तराखण्ड में राज्यसभा की 3 एवं लोकसभा की 5 सीटें हैं। लोकसभा की सीट क्रमशः पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, अल्मोड़ा एवं नैनीताल हैं।
  • राज्य में अनुसूचित जाति के लिए 13 क्षेत्र आरक्षित हैं। ये क्षेत्र ज्वालापुर, भगवानपुर व झबरेड़ा (हरिद्वार), राजपुर रोड (देहरादून), पुरोला (उत्तरकाशी), बाजपुर (ऊधमसिंह नगर), थराली (चमोली), घनसाली (टिहरी), पौड़ी (पौड़ी गढवाल), गंगोलीहाट (पिथौरागढ़), बागेश्वर, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) और नैनीताल हैं।
  • राज्य में अनुसूचित जनजाति के लिए 2 क्षेत्र आरक्षित हैं, जो चकराता (देहरादून) और नानकमत्ता (ऊधमसिंह नगर) हैं। UKPSC 2025, पटवारी/लेखपाल 2023
  • प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत 14-14 विधानसभा के क्षेत्र आते हैं।
  • वर्ष 2006 के परिसीमन के पहले तक हरिद्वार लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी, परन्तु वर्ष 2006 के परिसीमन के बाद अल्मोड़ा लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई।

अन्तरिम विधानसभा का गठन

  • उत्तर प्रदेश पुनर्गठन विधेयक, 2000 के आधार पर उत्तराखण्ड की अन्तरिम विधानसभा हेतु 31 विधायकों की व्यवस्था की गई थी। इसमें 22 सदस्य विधानसभा तथा 9 सदस्य विधानपरिषद् के थे।
  • अन्तरिम विधानसभा के गठन से पहले 9 सदस्यों में से 1 का कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके कारण कुल सदस्यों की संख्या 30 रह गई थी।
  • अतः अन्तरिम विधानसभा का गठन 30 विधायकों से किया गया था।
  • उत्तराखण्ड के गठन (9 नवम्बर, 2000) के समय नित्यानन्द स्वामी को उत्तरांचल (उत्तराखण्ड) का प्रथम मुख्यमन्त्री बनाया गया था।
  • नित्यानन्द स्वामी की कैबिनेट में 9 कैबिनेट मन्त्री व 4 राज्यमन्त्री बनाए गए थे।
  • अन्तरिम विधानसभा का अध्यक्ष प्रकाश पन्त को तथा काजी मोहिद्दीन को पहला प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था। UKPSC 2025
  • अन्तरिम विधानसभा का पहला सत्र 9 जनवरी, 2001 से प्रारम्भ हुआ था।
  • अन्तरिम विधानसभा के दूसरे मुख्यमन्त्री भगत सिंह कोश्यारी थे।

प्रथम निर्वाचित विधानसभा

प्रथम निर्वाचित विधानसभा का चुनाव 14 फरवरी, 2002 को हुआ।
इसमें कांग्रेस को 36, भाजपा को 19, बसपा को 7, उक्रांद (उत्तराखण्ड क्रान्ति दल) को 4, राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) को 1 तथा निर्दलीय विधायकों को 3 सीटें प्राप्त हुईं। इस चुनाव में 54.34% मतदान हुआ था।
राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमन्त्री नारायण दत्त तिवारी थे। वे रामनगर विधानसभा सीट से जीते।
पहली विधानसभा में 4 महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी।
पहली निर्वाचित विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) यशपाल आर्य चुने गए थे। UKPSC 2024

पाँचवीं निर्वाचित विधानसभा

  • उत्तराखण्ड में पाँचवीं विधानसभा का चुनाव 14 फरवरी, 2022 को सम्पन्न हुआ।
  • चुनाव में मतदान का प्रतिशत 65.37% था। हरिद्वार में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत और अल्मोड़ा में सबसे कम मतदान प्रतिशत था।
  • पाँचवीं विधानसभा में भाजपा को 47, कांग्रेस पार्टी को 19 सीटें प्राप्त हुईं। इसमें महिला उम्मीदवारों की संख्या 8 थी।
  • मुख्यमन्त्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी (23 मार्च, 2022) ने शपथ ली।
  • प्रोटेम स्पीकर वंशीधर भगत ने मुख्यमन्त्री को शपथ दिलाई।
  • विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खण्डूरी बनी।
  • उत्तराखण्ड में मुख्यमन्त्री के रूप में सबसे लम्बा कार्यकाल एन डी तिवारी का रहा।
  • दूसरे स्थान पर सबसे लम्बा कार्यकाल त्रिवेन्द्र सिंह रावत का रहा है।
  • सबसे कम समय तक तीरथ सिंह (116 दिन) मुख्यमन्त्री के पद पर रहे। - एन डी तिवारी

उत्तराखण्ड विधानसभा क्षेत्र

जिले सीटें विधानसभा क्षेत्र
हरिद्वार
3 आरक्षित (SC)
11 रुड़की, पिरान कलियर, खानपुर, हरिद्वार, हरिद्वार ग्रामीण, मंगलौर, भेल, लक्सर, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा
देहरादून
2 आरक्षित
10 धरमपुर, विकासनगर, देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, रायपुर, डोईवाला, सहसपुर, राजपुर (SC), चकराता (ST)
उधमसिंह नगर
2 आरक्षित
9 काशीपुर, जसपुर, खटीमा, गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, बाजपुर (SC), नानकमत्ता (ST)
पौड़ी गढ़वाल 6 यमकेश्वर, कोटद्वार, लैन्सडाउन, चौबट्टाखाल, श्रीनगर, पौड़ी (SC)
टिहरी गढ़वाल 6 टिहरी, नरेन्द्रनगर, प्रताप नगर, धनोल्टी, देवप्रयाग, घनसाली (SC)
नैनीताल 6 हल्द्वानी, लालकुआँ, रामनगर, भीमताल, कालाढूंगी, नैनीताल (SC)
अल्मोड़ा 6 द्वाराहाट, रानीखेत, सल्ट, अल्मोड़ा, जागेश्वर, सोमेश्वर (SC)
पिथौरागढ़ 4 डीडीहाट, पिथौरागढ़, धारचूला, गंगोलीहाट (SC)
उत्तरकाशी 3 गंगोत्री, यमुनोत्री, पुरोला (SC)
चमोली 3 बद्रीनाथ, कर्णप्रयाग, थराली (SC)
बागेश्वर 2 कपकोट, बागेश्वर (SC)
रुद्रप्रयाग 2 रुद्रप्रयाग, केदारनाथ
चम्पावत 2 चम्पावत, लोहाघाट
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।