उत्तराखण्ड के वनों की भौगोलिक स्थिति

उत्तराखण्ड के वनों की भौगोलिक स्थिति

उत्तराखण्ड अपनी प्राकृतिक संपदा और घने वनों के लिए विख्यात है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और वन क्षेत्र का सटीक ज्ञान परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह विषय आपकी आगामी UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद उपयोगी है। इस महत्वपूर्ण टॉपिक को गहराई से समझकर आप परीक्षा में अपने अंक पक्के कर सकते हैं।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • वनों की भौगोलिक स्थिति: उत्तराखण्ड में कुल वन क्षेत्रफल (45.44%) और राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार वनों के महत्वपूर्ण मानक।
  • वन रिपोर्ट के प्रमुख आँकड़े: 18वीं वन रिपोर्ट के आधार पर राज्य में अतिसघन, मध्यम सघन और खुले वनों का विस्तृत वर्गीकरण।
  • जिलों के अनुसार वन वितरण: रिकॉर्डेड वन क्षेत्र (71.05%), तथा वन आवरण और वन प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक और सबसे कम वन वाले जिलों की सूची।
  • नदी बेसिन और ऊँचाई का प्रभाव: प्रमुख नदी बेसिनों (टौंस, कोसी, यमुना आदि) में वनों का प्रतिशत और ऊँचाई के क्रम में वनों के वितरण में होने वाले बदलाव।
प्राकृतिक सौन्दर्य व जैव-विविधता से परिपूर्ण उत्तराखण्ड राज्य वन सम्पदा का एक बड़ा हिस्सा भी समेटे हुए है, जिससे यहाँ की जलवायु आम जनमानस तथा पशु पक्षियों के लिए सुगम व स्वास्थ्यवर्द्धक सिद्ध हो रही है।
उत्तराखण्ड में जलवायु भिन्नता के कारण विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं, जिनके कारण इसे पौधों का प्राकृतिक संग्रहालय भी कहा जाता है।
राष्ट्रीय वन नीति, 1988 (संशोधन 1998) के अनुसार देश के 33% भाग पर वन होने चाहिए।
वन नीति के अन्तर्गत पर्वतीय क्षेत्र में 60% और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 25% भाग पर वन अवश्य होने चाहिए।

उत्तराखण्ड के वनों की भौगोलिक स्थिति

  • राज्य का क्षेत्रफल - 53,483.36 वर्ग किमी
  • वन क्षेत्र - राज्य के क्षेत्रफल का 24,303.83 वर्ग किमी
  • कुल क्षेत्रफल में वन का प्रतिशत - 45.44%
  • देश के कुल वन क्षेत्रफल में हिस्सा - 3.4%
  • सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला - गढ़वाल (18वीं वन रिपोर्ट)

राज्य का वन विभाजन (18वीं वन रिपोर्ट के अनुसार)

  • अतिसघन वन राज्य में अतिसघन वन 5,266.58 वर्ग किमी भाग पर पाए जाते हैं।
  • राज्य में सर्वाधिक अतिसघन वन क्रमशः नैनीताल, देहरादून एवं उत्तरकाशी में पाए जाते हैं।
  • मध्यम सघन वन राज्य में कुल 12,517.63 वर्ग किमी भाग पर मध्यम सघन वन पाए जाते हैं। राज्य में कुल वन का 23.4% मध्यम सघन वन हैं।
  • राज्य में सर्वाधिक मध्यम सघन वन क्रमशः गढ़वाल में हैं।
  • खुले वन राज्य में 6,519.62 वर्ग किमी भाग पर खुले वन हैं।
  • राज्य में सर्वाधिक खुले वन क्रमशः पौड़ी गढ़वाल, टिहरी व उत्तरकाशी में हैं।

राज्य में रिकॉर्डेड वन क्षेत्र

  • रिकॉर्डेड वन क्षेत्र से तात्पर्य ऐसे क्षेत्र से है, जिन्हें राज्य सरकार वन क्षेत्र घोषित कर चुकी होती है।
  • राज्य में कुल रिकॉर्डेड (अभिलिखित) वनों का क्षेत्रफल 38,000 वर्ग किमी है, जो राज्य के कुल क्षेत्रफल का 71.05% है।
  • आरक्षित वन एवं संरक्षित वन रिकॉर्डेड वन के अन्तर्गत आते हैं।
  • पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, उत्तरकाशी एवं चमोली राज्य में सर्वाधिक वन आवरण (क्षेत्रफल की दृष्टि से) वाले जिले हैं। UKPSC 2024
  • उधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग एवं चम्पावत राज्य में सबसे कम वन आवरण वाले जिले हैं।
  • चम्पावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल एवं रुद्रप्रयाग राज्य में सर्वाधिक वन प्रतिशत वाले जिले हैं।
  • उधमसिंह नगर, हरिद्वार, पिथौरागढ़ एवं चमोली राज्य में सबसे कम वन प्रतिशत वाले जिले हैं।
  • राज्य में सर्वाधिक झाड़ियाँ क्रमशः टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल व देहरादून जिले में पाई जाती हैं।
  • राज्य के कुल वन क्षेत्रफल का 63% भाग गढ़वाल मण्डल में तथा शेष कुमाऊँ मण्डल में है।
  • राज्य के नदी बेसिनों के कुल क्षेत्रफल में वनों के प्रतिशत की दृष्टि से सर्वाधिक वन क्रमशः टॉस बेसिन (76.6%), कोसी (69%), यमुना (56.7%), काली गंगा (शारदा) (45.4%), रामगंगा (41.5%), भागीरथी बेसिन (34.9%) तथा अलकनन्दा बेसिन (32.1%) में हैं।

ऊँचाई के क्रम में वन प्रतिशत

ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ वनों का कुल क्षेत्र तथा उनका प्रतिशत पहले बढ़ता है, फिर एक निश्चित ऊँचाई के बाद घटने लगता है।
भू-भाग की ऊँचाई वनों का प्रतिशत
300 मी से नीचे 12.8%
300-600 मी 12.3%
600-1200 मी 16.3%
1200-1800 मी 22.3%
1800-3000 मी 28.8% (सर्वाधिक)
3000 मी से अधिक 7.5%

जिलेवार वन आवरण (ISFR 2023 के अनुसार)

1. अल्मोड़ा
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 3,144.05
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 222.24
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 817.89
  • खुले वन (वर्ग किमी): 682.83
  • कुल वन (वर्ग किमी): 1,722.96
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 54.80

2. बागेश्वर
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 2,241.00
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 167.73
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 741.21
  • खुले वन (वर्ग किमी): 354.43
  • कुल वन (वर्ग किमी): 1,263.37
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 56.38

3. चमोली
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 8,030.21
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 442.65
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 1,522.23
  • खुले वन (वर्ग किमी): 676.42
  • कुल वन (वर्ग किमी): 2,641.30
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 32.89

4. चम्पावत
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 1,765.78
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 382.01
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 571.36
  • खुले वन (वर्ग किमी): 266.02
  • कुल वन (वर्ग किमी): 1,219.39
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 69.06

5. देहरादून
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 3,088.00
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 680.99
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 588.99
  • खुले वन (वर्ग किमी): 370.32
  • कुल वन (वर्ग किमी): 1,640.30
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 53.12

6. पौड़ी गढ़वाल
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 5,329.55
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 588.44
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 1,847.84
  • खुले वन (वर्ग किमी): 924.27
  • कुल वन (वर्ग किमी): 3,360.55
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 63.07

7. हरिद्वार
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 2,360.20
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 76.86
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 274.35
  • खुले वन (वर्ग किमी): 213.55
  • कुल वन (वर्ग किमी): 564.76
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 23.93

8. नैनीताल
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 4,251.35
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 780.03
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 1,583.17
  • खुले वन (वर्ग किमी): 503.35
  • कुल वन (वर्ग किमी): 2,860.55
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 67.43

9. पिथौरागढ़
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 7,090.05
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 518.02
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 978.53
  • खुले वन (वर्ग किमी): 640.78
  • कुल वन (वर्ग किमी): 2,137.30
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 30.15

10. रुद्रप्रयाग
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 1,984.14
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 272.76
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 582.17
  • खुले वन (वर्ग किमी): 291.68
  • कुल वन (वर्ग किमी): 1,146.61
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 57.79

11. टिहरी गढ़वाल
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 3,642.17
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 305.87
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 1,149.08
  • खुले वन (वर्ग किमी): 767.73
  • कुल वन (वर्ग किमी): 2,222.68
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 61.03

12. उधमसिंह नगर
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 2,542.25
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 157.69
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 216.42
  • खुले वन (वर्ग किमी): 120.06
  • कुल वन (वर्ग किमी): 494.17
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 19.44

13. उत्तरकाशी
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 8,015.81
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 671.29
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 1,644.39
  • खुले वन (वर्ग किमी): 708.18
  • कुल वन (वर्ग किमी): 3,023.86
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 37.72

कुल क्षेत्र
  • भौगोलिक क्षेत्र (वर्ग किमी): 53,483.36
  • बहुत घने वन (वर्ग किमी): 5,266.58
  • मामूली घने वन (वर्ग किमी): 12,517.63
  • खुले वन (वर्ग किमी): 6,519.62
  • कुल वन (वर्ग किमी): 24,303.83
  • भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत %: 45.44

स्रोत: इण्डिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।