उत्तराखण्ड की ऊर्जा नीति

उत्तराखण्ड की ऊर्जा नीति

उत्तराखण्ड राज्य में अपार जल, सौर और बायोमास संसाधनों को देखते हुए ऊर्जा नीतियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम उत्तराखण्ड की प्रमुख ऊर्जा नीतियों, उरेडा (UREDA) और सौर तथा बायोमास ऊर्जा से जुड़ी नवीनतम जानकारियों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। यह विषय UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड जैसी राज्य की सभी आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • उत्तराखण्ड की नई ऊर्जा नीति के तहत लघु और बड़ी जल-विद्युत परियोजनाओं (25 मेगावाट का मापदंड) का सटीक वर्गीकरण।
  • उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा नीति 2023 के प्रमुख लक्ष्य, जिसके तहत 2027 तक 2500 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
  • उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (UREDA) की स्थापना (1 जुलाई, 2001) और इसके द्वारा संचालित 'सूर्योदय स्वरोजगार योजना' व ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम।
  • बायोमास ऊर्जा उत्पादन नीति 2018 के तहत पिरूल (चीड़ की पत्ती) से 150 मेगावाट बिजली उत्पादन का अभिनव प्रयास।
उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य में अपार जल संसाधन को ध्यान में रखते हुए नई ऊर्जा नीति का निर्धारण किया।
इस नीति में निर्धारित प्रमुख उद्देश्य निम्न हैं-
25 मेगावाट तक की परियोजनाएँ लघु विद्युत परियोजनाएँ एवं 25 मेगावाट से अधिक की परियोजनाएँ बड़ी जल-विद्युत परियोजनाएँ कहलाएंगी।
इन सभी परियोजनाओं को नेशनल पावर कॉर्पोरेशन तथा ऊर्जा निगम द्वारा संचालित किया जाएगा।

उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा नीति, 2023

मार्च, 2023 में उत्तराखण्ड सौर ऊर्जा नीति, 2023 की घोषणा की गई थी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य दिसम्बर, 2027 तक राज्य में 2500 मेगावाट बिजली का उत्पादन करना है। इससे सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर उत्पन्न होंगे तथा ग्रामीणों की आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।

उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (UREDA)

  • स्थापना - 1 जुलाई, 2001 (नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने हेतु)
  • अक्षय स्रोतों जैसे- सौर, बायो, लघु जल-विद्युत आदि के समुचित दोहन हेतु उरेडा (UREDA) द्वारा निम्न जनोपयोगी कार्यक्रम राज्य में संचालित हैं
  • लघु जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन इसके अन्तर्गत प्रदेश में 2 मेगावाट क्षमता तक मिनी/माइक्रो हाईड्रिल परियोजनाओं की स्थापना ग्राम पंचायतों के माध्यम से की जा रही है।
  • सूर्योदय स्वरोजगार योजना पर्वतीय जिलों में सौर ऊर्जा आधारित आय सृजन एवं स्वरोजगार हेतु इस योजना में 4 एवं 5 किलोवाट क्षमता तक सौर ऊर्जा संयन्त्र की स्थापना की जा रही है।
  • पारिवारिक बायोगैस संयन्त्र नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय बायोगैस कार्यक्रम के अन्तर्गत पारिवारिक बायोगैस संयन्त्रों की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
  • ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम ऊर्जा बचत हेतु प्रदेश के समस्त बिजली उपभोक्ताओं को LED बल्बों, ऊर्जा दक्ष ट्यूबलाइटों एवं पंखों के वितरण की योजना चलाई जा रही है। ऊर्जा संरक्षण तथा ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता के सम्बन्ध में भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

बायोमास ऊर्जा उत्पादन नीति, 2018

  • उत्तराखण्ड सरकार ने 26 अप्रैल, 2018 को पर्वतीय क्षेत्रों में पिरूल (चीड़ की पत्ती) एवं अन्य बायोमास से ऊर्जा उत्पादन को मंजूरी दी है। इस नीति से 150 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी।
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।