उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य परिदृश्य

उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य परिदृश्य

उत्तराखण्ड का स्वास्थ्य परिदृश्य और चिकित्सा शिक्षा राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। इस लेख में हमने उत्तराखण्ड की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं, मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तृत संकलन प्रस्तुत किया है। यह जानकारी आगामी UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard जैसी सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी और स्कोरिंग है।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • प्रमुख मेडिकल कॉलेज: राज्य के ऐतिहासिक और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों (जैसे- स्वामीराम हिमालय विश्वविद्यालय, दून अस्पताल, सुशीला तिवारी चिकित्सालय और वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज) की स्थापना और महत्वपूर्ण तथ्य।
  • स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाएं: परीक्षा के दृष्टिकोण से अति-महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे- 108 आपातकालीन सेवा, डोली सेवा, 'खुशियों की सवारी' और विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाएं।
  • आयुष और योग का योगदान: राज्य में आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का ढांचा तथा पतंजलि योगविद्या पीठ के बारे में परीक्षापयोगी जानकारी।
  • आधुनिक चिकित्सा सेवाएं: हवाई एम्बुलेंस सेवा और रैफरल लैबोरेटरी नेटवर्किंग से जुड़े वे महत्वपूर्ण तथ्य जो सीधे परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
उत्तराखण्ड में मार्च, 2011 से आयुष आधारित सचल चिकित्सालय सेवा कार्यरत है।
प्रदेश सरकार द्वारा 1 जनवरी, 2013 से गुटखा, तम्बाकू और तम्बाकू से बनी वस्तुओं के विक्रय को प्रतिबन्धित कर दिया गया है।

मेडिकल शिक्षा

  • स्वामीराम हिमालय विश्वविद्यालय की स्थापना देहरादून के जौलीग्रान्ट में वर्ष 1989 में हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट के रूप में की गई। यह उत्तराखण्ड का प्रथम मेडिकल कॉलेज भी है। इसे वर्ष 2007 में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिला।
  • हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की स्थापना वर्ष 1995 में की गई थी। यह स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेज है।
  • वर्ष 1994 में हल्द्वानी (नैनीताल) में सुशीला तिवारी मेमोरियल चिकित्सालय की स्थापना हुई। इसे राजकीय मेडिकल कॉलेज का दर्जा वर्ष 2010 में प्राप्त हुआ।
  • वर्ष 1935 में स्थापित दून अस्पताल को वर्ष 2016 में मेडिकल कॉलेज का दर्जा प्राप्त हुआ।
  • श्रीनगर (पौड़ी-गढ़वाल) में वर्ष 2008 में वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई।
  • वर्ष 2013 में चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना देहरादून में की गई।
  • वर्ष 2009 में देहरादून में राज्य आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, जिसके अधीन वर्ष 2010 में राज्य के पहले नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हुई।
  • 6 अप्रैल, 2015 में उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की स्थापना हुई, जिसका मुख्यालय देहरादून में है।

पतंजलि योगविद्या पीठ

  • वर्ष 2006 में पतंजलि योगविद्या पीठ को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ।
  • इसके पहले और दूसरे परिसर का संचालन क्रमश: वर्ष 2006 तथा 2009 में किया गया था।
  • इस पीठ के कुलाधिपति स्वामी रामदेव तथा आचार्य बालकृष्ण महासचिव हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना
इस योजना के अन्तर्गत बी.पी.एल. परिवारों को अस्पताल और शल्य चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बीमा राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके अनुसार, 5 व्यक्तियों वाले परिवार को ₹ 30 हजार वार्षिक चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। इस बीमा योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में राष्ट्रीय स्तर पर की गई थी।

आपातकालीन चिकित्सा सेवा योजना
आपातकालीन चिकित्सा सेवा योजना 108 राज्य में 15 मई, 2008 से शुरू की गई थी। इस योजना का पूरा नाम पण्डित दीनदयाल उपाध्याय 108 आपातकालीन चिकित्सा सेवा योजना है। राज्य में 108 एम्बुलेन्स सेवा के सहायक के रूप में 17 अप्रैल, 2012 से डोली सेवा प्रारम्भ की गई है।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा मार्च, 2009 में बी.पी.एल. परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके अन्तर्गत इस सुविधा का लाभ केवल मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होता है।

जननी सुरक्षा योजना
इसके अन्तर्गत सहायक रूप में जच्चा-बच्चा को चिकित्सालय से घर पहुँचाने हेतु खुशियों की सवारी योजना मार्च, 2013 से शुरू हुई है।

हवाई एम्बुलेन्स सेवा
प्रदेश सरकार द्वारा आपातकालीन सेवाओं को तीव्र करने के उद्देश्य से हवाई एम्बुलेन्स सेवा को देहरादून से दिल्ली के लिए शुरू किया जा चुका है।

होम्योपैथिक चिकित्सा
इस पद्धति के समुचित विकास एवं इस के माध्यम से जनसामान्य को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर होम्योपैथिक निदेशालय स्थापित है।

भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति
इस पद्धति का राज्य में लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखण्ड राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदत्त करने के लिए 545 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, 05 यूनानी चिकित्सालय तथा 26 जिला चिकित्सालय हैं।

रैफरल लैबोरेटरी नेटवर्किंग
  • राज्य में लैब सुविधाओं को बढ़ाने के लिए इस योजना के अन्तर्गत तीन मेडिकल कॉलेजों में एच.आई.वी. या अन्य महत्त्वपूर्ण ब्लड जाँच के सैम्पल भेजे जा सकते हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में जौलीग्रान्ट (देहरादून), हल्द्वानी (नैनीताल) तथा श्रीनगर (पौड़ी) शामिल हैं।
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।