उत्तराखण्ड की अन्य प्रमुख योजनाएँ एवं कार्यक्रम
उत्तराखण्ड सरकार की प्रमुख योजनाएं और कार्यक्रम राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अगर आप UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard या अन्य किसी भी राज्य स्तरीय परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस विषय से जुड़े प्रश्न परीक्षा में निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। यह लेख आपकी तैयारी को और भी मजबूत और सटीक बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- उत्तराखण्ड सरकार की नवीनतम और महत्वपूर्ण शिक्षा व रोजगार योजनाएं जैसे- मुख्यमन्त्री उत्थान योजना, हिम प्रहरी योजना और देश को जानो योजना के प्रमुख उद्देश्य।
- स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन से जुड़ी अहम पहलें, जिनमें अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना, रूफ टॉप गार्डनिंग और 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना शामिल हैं।
- बाल कल्याण, खेल और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले विशेष कार्यक्रम, जैसे- वात्सल्य योजना, उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और विभिन्न पेंशन योजनाएं।
- परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अति-महत्वपूर्ण तथ्य; जैसे योजनाओं के लागू होने की तिथियाँ, अनुदान राशियाँ और उनके मुख्य लाभार्थियों के सटीक आँकड़े।
उत्तराखण्ड मुख्यमन्त्री उत्थान योजना (20 फरवरी, 2023)
इस योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे- संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग, एनडीए एवं सीडीएस, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग व अन्य) के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान करना है।
उत्तराखण्ड रुफ टॉप गार्डनिंग योजना (15 जनवरी, 2023)
इसके अन्तर्गत छत पर साग-सब्जी उगाने पर ₹25,000 तक की अनुदान राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना के लाभ के लिए उत्तराखण्ड का निवासी होना तथा 300 वर्ग फीट की छत का होना भी आवश्यक है।
उत्तराखण्ड मुख्यमन्त्री अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना (2023)
इस योजना के अन्तर्गत अन्त्योदय कार्ड धारक प्रतिवर्ष 3 गैस सिलेण्डर निःशुल्क भरवा सकते हैं।
मुख्यमन्त्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना (29 अगस्त, 2022)
इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के 8 से 14 वर्ष तक के उभरते हुए 3900 खिलाड़ियों को प्रत्येक माह ₹1500 की छात्रवृत्ति देकर प्रोत्साहित करना है। इसमें प्रत्येक जिले से 150 बालक एवं 150 बालिकाओं को चुना जाता है।
उत्तराखण्ड हिम प्रहरी योजना (8 सितम्बर, 2022)
इस योजना का उद्देश्य उत्तराखण्ड से लोगों का पलायन रोकना है। यह योजना मुख्यतः पूर्व सैनिकों व युवाओं पर केन्द्रित है।
मुख्यमन्त्री वात्सल्य योजना (2 अगस्त, 2021)
कोरोना महामारी (2020) के दौरान हुए अनाथ बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना व साथ में ₹3000 का भत्ता प्रदान करने का प्रावधान है।
मुख्यमन्त्री दाल पोषित योजना (12 सितम्बर, 2019)
इस योजना के अन्तर्गत 23.32 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को 2 किलो चने की दाल ₹44 प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जाएगी।
देश को जानो योजना (15 अगस्त, 2019)
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को अपने देश की संस्कृति, समाज एवं भौगोलिक विविधता की जानकारी प्रदान करना है। इस योजना में 10वीं की परीक्षा के टॉप 25 बच्चों को भारत भ्रमण करवाए जाने का प्रावधान किया गया है।
13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना (वर्ष 2018)
इसका उद्देश्य राज्य में पर्यटक स्थल को विकसित करने के लिए जिलों को विकसित करना है।
होमस्टे योजना (वर्ष 2018)
पर्यटकों को आकर्षित करने एवं उनके लिए स्वच्छ आवासीय सुविधा एवं पारिवारिक माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना (वर्ष 2018)
इस योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड में पंजीकृत व्यापारी के दुर्घटना में मृत्यु/हत्या या पूर्ण स्थायी विकलांगता होने पर ₹10 लाख की सहायता का प्रावधान है। राज्य कर विभाग में जी.एस.टी. में पंजीकृत समस्त व्यापारी इस योजना के लाभ के दावेदार हैं।
राष्ट्रीय वायोश्री योजना (1 अप्रैल, 2017)
यह योजना आन्ध्र प्रदेश में शुरू की गई थी। इसमें उत्तराखण्ड का हरिद्वार जनपद भी शामिल है। इस योजना में देश के 207 जिलों को शामिल किया गया है। हरिद्वार में लगभग 450 लोगों को इस योजना के अन्तर्गत व्हीलचेयर, छड़ी, चश्मे, बैसाखी, श्रवण यन्त्र, कृत्रिम डेन्चर आदि वितरित किए गए हैं।
पण्डित दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थ योजना
इस योजना के अन्तर्गत 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को चार धामों की यात्रा करवाने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 से पहले तक इस योजना का नाम मेरे बुजुर्ग तीर्थ (2014) योजना था।
जायका योजना (वर्ष 2014)
जापान व राज्य सरकार के बीच ₹807 करोड़ का अनुबन्ध हुआ, जिसमें वन पंचायतों के माध्यम से वनों के संरक्षण, चरागाह विकास, महिला रोजगार व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए परियोजना तैयार की गई थी। इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022 तक 250 वन पंचायतों को जोड़ा गया।
मेरा गाँव मेरा धन योजना (वर्ष 2014)
इस योजना के अन्तर्गत गाँव में यदि कोई व्यक्ति अपने पैसे से भवन निर्माण करता है, तो उस भवन को सरकार स्कूल, अस्पताल, आईटीआई, आँगनवाड़ी जैसे संस्थान खोलने के उद्देश्य से किराए पर लेगी।
अटल आदर्श ग्राम योजना (9 नवम्बर, 2009)
राज्य की 9वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इस योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के सभी गाँवों को रोशनी, पानी, सड़क सुविधा, स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा की सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
आपातकालीन सेवा योजना (15 मई, 2008)
इस योजना को पण्डित दीनदयाल उपाध्याय आपातकालीन सेवा योजना नाम दिया गया है। 17 अप्रैल, 2012 से आपातकालीन सेवा के पूरक के रूप में डोली सेवा शुरू की गई। इसमें पहाड़ी व दुर्गम स्थानों पर जहाँ एम्बुलेंस नहीं पहुँच पाती, वहाँ पर मरीज को डोली के माध्यम से एम्बुलेंस तक या अस्पताल तक पहुँचाने का प्रावधान है।
उत्तराखण्ड पेंशन योजना
इस योजना के अन्तर्गत राज्य में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले निवासी जो वृद्ध, विधवा, दिव्यांग एवं किसान हैं, उन्हें पेंशन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। 60 वर्ष से अधिक के बी.पी.एल. बुजुर्ग को ₹1500 प्रतिमाह, 18 से 60 वर्ष की बी.पी.एल. विधवा महिला को ₹1500 प्रतिमाह, 40% से अधिक विकलांग जो बी.पी.एल. श्रेणी का हो उसे ₹1500 प्रतिमाह एवं 60 वर्ष से अधिक के किसान जिसके पास 2 हेक्टेयर तक की भूमि हो, उन्हें ₹1200 प्रतिमाह दिया जाएगा।
अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना (25 दिसम्बर, 2018)
प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना) को राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के रूप में राज्य में लागू किया। शुरुआत में इस योजना में प्रदेश के 5 लाख परिवारों को प्रति परिवार ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जा रहा था। वर्तमान में राज्य के 23 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
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