उत्तराखण्ड के प्रमुख साहित्यकार

उत्तराखण्ड के प्रमुख साहित्यकार

उत्तराखण्ड का साहित्य और कला का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। इस लेख में हम 'उत्तराखण्ड के प्रमुख साहित्यकार' विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं। यह टॉपिक परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है और UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में यहाँ से प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • मोलाराम तोमर और गुमानी पन्त: गढ़वाल के महान चित्रकार व कवि मोलाराम तोमर की प्रमुख रचनाओं (जैसे- मन्मथ सागर) और खड़ी बोली के पहले कुमाऊँनी कवि लोकरत्न गुमानी पन्त के साहित्यिक योगदान की जानकारी।
  • सुमित्रानन्दन पन्त और डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल: ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता, छायावादी कवि सुमित्रानन्दन पन्त की प्रमुख कृतियाँ तथा शुद्ध हिन्दी विषय में प्रथम डॉक्टरेट हासिल करने वाले डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल का परिचय।
  • रस्किन बॉण्ड का जीवन और रचनाएं: अंग्रेजी साहित्य के मशहूर लेखक और पद्म भूषण से सम्मानित रस्किन बॉण्ड की प्रमुख पुस्तकों और उनके जीवन से जुड़े अहम तथ्य।
  • गिर्दा और डॉ. गिरिराज शाह: उत्तराखण्ड के जनकवि गिरीश तिवाड़ी 'गिर्दा' द्वारा जन आन्दोलनों में किये गए योगदान और 'उत्तराखण्ड शोध संस्थान' के संस्थापक डॉ. गिरिराज शाह की प्रसिद्ध कृतियों का विवरण।

मोलाराम तोमर

  • जन्म - 1743 ई. श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल)
  • मृत्यु - 1838 ई.
  • बहुमुखी व्यक्तित्व - कवि, चित्रकार, दार्शनिक, राजनीतिज्ञ
  • भाषाएँ - हिन्दी, संस्कृत, फारसी
  • आश्रयदाता - प्रदीपशाह से सुदर्शनशाह तक कई गढ़राज्य राजा
  • चित्रकला - काँगड़ा शैली; श्रीनगर- चित्रशाला
  • प्रमुख रचनाएँ - मन्मथ सागर, गढ़गीता संग्राम, श्रीनगर दुर्दशा, रणबहादुर चन्द्रिका
  • ब्रज भाषा - गदराज वंश
  • प्रमुख चित्र - मोरप्रिया, सितार प्रिया, राधाकृष्ण मिलन

लोकरत्न गुमानी पन्त

  • जन्म - 27 फरवरी, 1790 काशीपुर
  • भाषाएँ - कुमाऊँनी, हिन्दी, संस्कृत, नेपाली
  • सम्मान - 'गुमानी पन्त' की उपाधि (राजा गुमान सिंह)
  • संकलन - गुमानी नीति (1894, रेवादत्त उप्रेती)
  • प्रमुख रचनाएँ - नीति शतक, शतोपदेश, राममहिमा, गंगाशतक
  • ये खड़ी बोली के पहले कुमाऊँनी कवि थे तथा गियर्सन 'सबसे प्राचीन कुमाऊँ कवि' थे।

डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल

  • जन्म - 13 दिसम्बर, 1901 पाली (लैन्सडाउन)
  • प्रथम व्यक्ति - 'शुद्ध हिन्दी विषय में डॉक्टरेट' (1933)
  • प्रमुख कृतियाँ - प्राणायाम विज्ञान, रूपक रहस्य, गोरखवाणी, सतसई सप्तक, The Nirgun School of Hindi Poetry, हरिदास की साखी

डॉ. गिरिराज शाह

  • जन्म - 15 अप्रैल, 1940 अल्मोड़ा
  • मृत्यु - 27 सितम्बर, 2013
  • संस्थापक - उत्तराखण्ड शोध संस्थान (1974-75)
  • प्रमुख कृतियाँ - तीसरे शहर की तलाश, मानवाधिकार: दशा-दिशा, Indian Police, फूलों की घाटी
  • सम्मान - गोविन्द बल्लभ पन्त पुरस्कार, उत्तराखण्ड रत्न
  • ये एक पुलिस अधिकारी व साहित्यकार थे।

सुमित्रानन्दन पन्त

  • जन्म - 20 मई, 1900, कौसानी
  • मृत्यु - 28 दिसम्बर, 1977 साहित्यिक विधाएँ छायावादी, प्रगतिवादी
  • प्रमुख रचनाएँ - वीणा, गुंजन, उतरा, ग्राम्या, युगवाणी
  • सम्मान - पद्म भूषण (1961), ज्ञानपीठ (1968, चिदम्बरा), साहित्य अकादमी (1960), डाक टिकट (2015)
  • पत्रिका - रूपाभ (1938) ये प्रकृति व मानवतावादी कवि थे।

रस्किन बॉण्ड

  • जन्म - 19 मई, 1934, कसौली (हिमाचल)
  • जीवन - मसूरी-देहरादून
  • पहली रचना - The Room on the Roof (आयु 17 वर्ष)
  • प्रमुख कृतियाँ - Our Trees Still Grow in Dehra, A Flight of Pigeons, Indian Ghost, Days of Innocence
  • पुरस्कार - साहित्य अकादमी (1992), पद्मश्री (1999), पद्म भूषण (2014), लाइफटाइम अचीवमेण्ट (2017)
  • ये अंग्रेजी साहित्य के प्रमुख लेखक थे।

गिरीश तिवाड़ी गिर्दा

  • जन्म - 10 सितम्बर, 1945 अल्मोड़ा
  • जनकवि - उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक जन आन्दोलनों की आवाज
  • योगदान - लोक संस्कृति व जन आन्दोलनों को जनगीतों के माध्यम से जीवन्त किया
  • शोध कार्य - झूसिया दमाई (लोकगायक)
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।