उत्तराखण्ड के प्रमुख पत्रकार, इतिहासकार एवं शिक्षाविद्

उत्तराखण्ड के प्रमुख पत्रकार, इतिहासकार एवं शिक्षाविद्

उत्तराखण्ड का इतिहास और साहित्य महान विभूतियों से भरा पड़ा है। इस शानदार लेख में हम 'उत्तराखण्ड के प्रमुख पत्रकारों, इतिहासकारों एवं शिक्षाविदों' के जीवन और उनके अमूल्य योगदान के बारे में जानेंगे। यह विषय UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard जैसी उत्तराखण्ड की सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ से अक्सर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • उत्तराखण्ड की पत्रकारिता के स्तंभ: 'गढ़वाल में हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह' कहे जाने वाले विश्वम्भरदत्त चन्दोला और 'कर्मभूमि' पत्र के संपादक भैरवदत्त धूलिया जैसे दिग्गजों का योगदान।
  • इतिहासकार और साहित्यकार: 'इनसाइक्लोपीडिया ऑफ उत्तराखण्ड' के नाम से प्रसिद्ध डॉ. शिवप्रसाद डबराल 'चारण', महान मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार इलाचन्द जोशी और शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियों की जानकारी।
  • प्रमुख विभूतियों की उपलब्धियां: आधुनिक दौर के प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी (पद्मश्री) से लेकर गढ़वाली भाषा के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. उमाशंकर 'सतीश' जैसे व्यक्तित्वों के शानदार सफर और सम्मान से जुड़े तथ्य।
  • परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण तथ्य: इन सभी महान हस्तियों के जन्म स्थान, उनकी महत्वपूर्ण रचनाएं, पत्रिकाएं और उपाधियाँ जो परीक्षा में आपके अंक पक्के करेंगी।

विश्वम्भरदत्त चन्दोला

जन्म - 1879 ई. थापली गाँव, पौड़ी
उपाधि - गढ़वाल में हिन्दी पत्रकारिता के भीष्म पितामह
योगदान - वर्ष 1915 से प्रकाशित हिन्दी साप्ताहिक 'गढ़वाल' के सम्पादक

तोता कृष्ण गैरोला

जन्म - 1895 ई. गढ़वाल
योगदान - गढ़वाली गीतिकाव्य को नई दिशा देने वाले प्रथम गढ़वाली पद्य लेखक
प्रमुख कृति - प्रेमी पथिक (श्रेष्ठ गीतिकाव्य)

भैरवदत्त धूलिया

जन्म - मई, 1901 मदनपुर गाँव, पौड़ी
योगदान - भक्त दर्शन के साथ वर्ष 1939 में 'कर्मभूमि' पत्र का सम्पादन (लैन्सडाउन से)

गोविन्द प्रसाद नौटियाल

जन्म - वर्ष 1901
योगदान - अंग्रेजी राष्ट्रीय दैनिकों में दीर्घकालीन कार्य
सम्बद्ध पत्र - लीडर, पायनियर, अमृत बाजार पत्रिका, नेशनल हैरॉल्ड, आदि

इलाचन्द जोशी

जन्म - वर्ष 1903 अल्मोड़ा
प्रसिद्धि - मनोवैज्ञानिक, हिन्दी उपन्यासकार
प्रमुख कृतियाँ - संन्यासी, श्रणामयी, परदे की रानी, प्रेत और छाया, सुबह के भूले

सत्य प्रसाद रतूड़ी

जन्म - वर्ष 1908 टिहरी
योगदान - हिमाचल साप्ताहिक पत्रिका (वर्ष 1948, मसूरी) के सम्पादक
प्रमुख कृतियाँ - गढ़वाल गौरव गाथा, टिहरी राज्य के जनसंघर्ष की गाथा, नरेन्द्र हिन्दू लॉ

सुरेन्द्र सिंह पांगती

जन्म - वर्ष 1920 नानासेम गाँव, पिथौरागढ़
प्रमुख कृति - उत्तराखण्ड कितना सच और कितना छल (दो खण्डों में)
इन्होंने धाद संस्था की स्थापना की।

शैलेश मटियानी

जन्म - 14 अक्टूबर, 1931 अल्मोड़ा
योगदान - विकल्प पत्रिका का प्रकाशन; जनपक्ष पत्रिका का सम्पादन

डॉ. शशिधर शर्मा

जन्म - वर्ष 1932
उपाधियाँ - 'महाकवि', 'महामहोपाध्याय', 'शास्त्रार्थ महारथ'
सम्मान - बिना पीएच.डी. के D.Litt; वर्ष 1985 में Certificate of Honors

डॉ. श्याम सिंह 'शशि'

जन्म - 1 जुलाई, 1935 हरिद्वार
प्रमुख कृतियाँ - इनसाइक्लोपीडिया ऑफ इण्डियन ट्राइब्स (12 खण्ड), सामाजिक विज्ञान हिन्दी विश्वकोष, आदि

डॉ. उमाशंकर 'सतीश'

जन्म - 15 मई, 1937 चमोली
प्रसिद्धि - गढ़वाली भाषा के सशक्त लेखक, कवि, गीतकार
प्रमुख कृति - A Linguistic Study of Jaunsari

डॉ. शिवप्रसाद डबराल 'चारण'

  • जन्म - 12 नवम्बर, 1912 गहली गाँव, पौड़ी
  • कर्मस्थली - दुगड्डा; उत्तराखण्ड विद्या भवन पुस्तकालय और संग्रहालय की स्थापना
  • प्रमुख कृतियाँ - उत्तराखण्ड का इतिहास (12 खण्ड), श्री उत्तराखण्ड यात्रा दर्शन आदि
  • विशेष - इनसाइक्लोपीडिया ऑफ उत्तराखण्ड के नाम से प्रसिद्ध

प्रसून जोशी

  • जन्म - 16 सितम्बर, 1971 अल्मोड़ा
  • प्रसिद्धि - गीतकार, पटकथा लेखक, कवि एवं विज्ञापन विशेषज्ञ
  • सम्मान - फिल्मफेयर बेस्ट लिरिकिस्ट (2007, 2008, 2014), पद्मश्री (2015)
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।