उत्तराखण्ड के प्रमुख खिलाड़ी | uttarakhand ke pramukh khiladi

उत्तराखण्ड के प्रमुख खिलाड़ी

उत्तराखण्ड के प्रमुख खिलाड़ी और राज्य की खेल नीतियां परीक्षा की दृष्टि से एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण विषय है। इस लेख में हमने उत्तराखण्ड के उन महान एथलीटों और खेल जगत से जुड़ी अहम जानकारियों को संकलित किया है, जिन्होंने राज्य का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। यह टॉपिक UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड आदि जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • महान खिलाड़ियों का परिचय: उत्तराखण्ड के विश्वविख्यात खिलाड़ियों (जैसे- महेंद्र सिंह धोनी, अभिनव बिंद्रा, जसपाल राणा और लक्ष्य सेन) की शानदार उपलब्धियों और उन्हें मिले प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की विस्तृत जानकारी।
  • विभिन्न खेलों में राज्य का गौरव: मुक्केबाजी, हॉकी, फुटबॉल और भारोत्तोलन जैसे खेलों में राज्य का नाम रोशन करने वाले महान एथलीटों (हरिसिंह थापा, हंसा मनराल आदि) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड।
  • सरकारी खेल नीतियां: उत्तराखण्ड सरकार की 'नई खेल नीति 2021' और 'खेल विजन 2030' के वे महत्वपूर्ण बिंदु और प्रावधान, जिनसे परीक्षा में सीधे प्रश्न बन सकते हैं।
  • 38वें राष्ट्रीय खेल (2025): उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर (मौली), आयोजन स्थल और राज्य की शानदार पदक तालिका (कुल 103 पदक) का परीक्षापयोगी विश्लेषण।

क्रिकेट

महेन्द्र सिंह धोनी
  • निवासी - ल्वाली गाँव (अल्मोड़ा)
  • पुरस्कार - राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार (2007-08), पद्मश्री (2009) व पद्म भूषण (2018)
  • वर्ष 2007-16 तक ये भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे। धोनी की कप्तानी में भारत ने वर्ष 2011 में विश्वकप व 2007 में आईसीसी टी-20 विश्वकप जीता था।
  • वर्ष 2010 में राज्य सरकार ने इन्हें कॉर्बेट व राजाजी नेशनल पार्क का वाइल्ड लाइफ वार्डन तथा बाघ संरक्षण से सम्बन्धित अभियानों को राज्य में बढ़ावा देने के लिए ब्राण्ड एम्बेसडर नियुक्त किया था।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख क्रिकेट खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
ऋषभ पन्त ये भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य हैं। इनका जन्म रुड़की में हुआ। इनका पैतृक निवास पिथौरागढ़ जनपद की गंगोलीहाट तहसील के पाली गाँव में है। इन्हें 'भारत का गिलक्रिस्ट' कहा जाता है।
एकता बिष्ट ये भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य हैं। इन्होंने टी-20 विश्वकप में श्रीलंका के खिलाफ हैट्रिक बनाई। ये अल्मोड़ा की निवासी हैं।
आशीष सिंह नेगी ये भारतीय दृष्टिहीन क्रिकेट टीम के उपकप्तान तथा उत्तराखण्ड टीम के कप्तान रहे।
उन्मुक्त चन्द ये मूलतः पिथौरागढ़ के निवासी हैं। ये भारत की अण्डर-19 टीम के कप्तान रहे तथा इन्होंने अपने नेतृत्व में भारत को तीन बार अण्डर-19 क्रिकेट विश्वकप दिलाया।
मनीष पाण्डे ये नैनीताल के रहने वाले हैं। ये प्रथम भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने IPL में शतक लगाया था।
रजत भाटिया ये उत्तराखण्ड रणजी टीम के पहले कप्तान थे।
तारा रावत ये पौड़ी निवासी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं।
मानसी जोशी ये उत्तरकाशी निवासी, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी हैं।
श्वेता वर्मा ये पिथौरागढ़ निवासी हैं। इन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू किया था।

स्नेह राणा ये देहरादून की निवासी हैं। इन्होंने वर्ष 2014 में महिला क्रिकेट टीम में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया था।

निशानेबाजी

अभिनव बिन्द्रा
  • निवासी - देहरादून
  • पुरस्कार - अर्जुन पुरस्कार (2000), राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार (2001) एवं पद्म भूषण (2009)
  • इन्होंने वर्ष 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में 10 मी. एयर राइफल्स में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था।

जसपाल राणा
  • निवासी - चमालू गाँव, टिहरी
  • उपनाम - गोल्डन ब्वॉय
  • पुरस्कार - अर्जुन पुरस्कार (1994), पद्मश्री (2015), द्रोणाचार्य सम्मान (2020)
  • एशियाई खेल व राष्ट्रमण्डल खेलों में निशानेबाजी में इन्होंने स्वर्ण पदक जीते थे।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख निशानेबाज

खिलाड़ी विवरण
सुभाष राणा इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक पदक प्राप्त किए हैं।
अशोक कुमार शाही इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 30 से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। ये मूल रूप से देहरादून के निवासी हैं।
प्रवीण रावत इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 5 स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। ये मूल रूप से टिहरी के निवासी हैं।
सुषमा राणा ये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज हैं तथा जसपाल राणा की बहन हैं।
दिलराज कौर ये प्रसिद्ध निशानेबाज हैं तथा इन्हें गोल्डन गर्ल की उपाधि प्राप्त है।

मुक्केबाजी (बॉक्सिंग)

पदम बहादुर मल्ल
  • निवासी - देहरादून
  • पुरस्कार - अर्जुन पुरस्कार (वर्ष 1962)
  • इन्होंने एशियाई खेलों में प्रथम स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।

हरिसिंह थापा
  • निवासी - पिथौरागढ़
  • उपनाम - भारतीय बॉक्सिंग का पितामह
  • पुरस्कार - देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार (2013, प्रथम विजेता)
  • ये एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले पहले बॉक्सिंग खिलाड़ी हैं। इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया तथा 10 वर्षों तक मिडिल वेट में चैम्पियन रहे।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख मुक्केबाजी खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
खीमानन्द बेलवाल ये मूल रूप से अल्मोड़ा के निवासी थे। इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रमश 8 व 5 बार स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।
दिलीप कुमार पौरी ये मूल रूप से पिथौरागढ़ के निवासी हैं। इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर क्यूबा में मोस्ट प्रॉमिसिंग बॉक्सिंग खिलाड़ी का खिताब जीता।
पवन गुरंग इन्होंने नेशनल यूथ बॉक्सिंग चैम्पियनशिप, 2018 में (देहरादून) रजत पदक जीता।
राजेन्द्र कुमार पुनेड़ा ये वर्ष 1982 में मिडिल वेट में भारत के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज रहे।
जयदेव सिंह बिष्ट वर्ष 2009 में इन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया।
प्रियंका चौधरी इन्होंने वियतनाम में हुई एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप के महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता था।

हॉकी

आर. एस. रावत
  • ये मूल रूप से नैनीताल के निवासी हैं।
  • इन्होंने ओलम्पिक खेलों में भागीदारी की तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को 3 स्वर्ण पदक दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • इन्हें भारत के श्रेष्ठ गोलकीपर के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख हॉकी खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
सैयद अली ये नैनीताल के निवासी थे। इन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य का लक्ष्मण पुरस्कार (1975) प्राप्त किया तथा भारतीय हॉकी टीम को दो बार स्वर्ण पदक दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हरदयाल सिंह ये मेलबॉर्न ओलम्पिक तथा वर्ष 1956 में स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे। ये मूल रूप से देहरादून के निवासी हैं।
ललित शाह ये नैनीताल के प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी हैं। ये राष्ट्रीय स्तर पर चार बार स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं।
वन्दना कटारिया ये हरिद्वार की निवासी हैं तथा वर्ष 2021 के ओलम्पिक खेल में हैट्रिक गोल लगाने वाली पहली महिला हैं।
सीता गुसाईं ये पौड़ी की निवासी हैं तथा वर्ष 2002 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं।

फुटबॉल

रामबहादुर छेत्री
  • निवासी - देहरादून
  • उपनाम - चाइना वॉल (रोम ओलम्पिक के प्रदर्शन के लिए)
  • इन्हें दो बार राष्ट्रीय स्तर पर 'फुटबॉलर ऑफ द ईयर' एवं 'बेस्ट मिडफिल्डर ऑफ द सेन्चुरी' से सम्मानित किया जा चुका है।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख फुटबॉल खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
पुष्कर सिंह भण्डारी ये मूल रूप से चमोली के निवासी हैं। इन्होंने ऑल इण्डिया फुटबॉल टूर्नामेण्ट में 'मैन ऑफ द टूर्नामेण्ट' का खिताब जीता।
प्रताप सिंह पटवाल इन्होंने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 400 से अधिक मैचों के रेफरी की भूमिका निभाई। ऑल इण्डिया फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा इन्होंने वर्ष 2012 में 'रेफरी ऑफ द ईयर' का सम्मान प्राप्त किया।
त्रिलोक सिंह बसेड़ा ये मूल रूप से पिथौरागढ़ के निवासी थे। इन्होंने जकार्ता, इण्डोनेशिया में आयोजित एशियन फुटबॉल प्रतियोगिता (1962) में 'आयरन बॉल ऑफ इण्डिया' की उपाधि प्राप्त की।

भारोत्तोलन

हंसा मनराल शर्मा
  • ये मूल रूप से पिथौरागढ़ के निवासी हैं।
  • भारोत्तोलन के क्षेत्र में भारत की पहली महिला कोच रहीं हंसा मनराल शर्मा को 'द्रोणाचार्य सम्मान' से अलंकृत किया गया।
  • इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 4 स्वर्ण पदक सहित महिला भारोत्तोलन के 7 रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख भारोत्तोलक खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
फैयाज अहमद अंसारी
  • ये मूल रूप से उधमसिंह नगर के निवासी हैं।
  • राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता रहे फैयाज अहमद अंसारी को 'स्ट्रांग ब्वॉय' और 'स्ट्रांग मैन ऑफ इण्डिया' का सम्मान दिया जा चुका है।
के. सी. सिंह 'बाबा'
  • ये मूल रूप से उधमसिंह नगर के निवासी हैं। ये वर्ष 2004 में नैनीताल से सांसद भी रह चुके हैं।
  • ये उत्तराखण्ड के प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के भारोत्तोलक हैं।
  • राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता रहे के. सी. सिंह 'बाबा' को 'स्ट्रांगेस्ट मैन ऑफ यू. पी.' का सम्मान प्रदान किया गया।
जगजीत सिंह
  • ये राष्ट्रीय स्तर के भारोत्तोलक खिलाड़ी तथा उधमसिंह नगर के निवासी हैं।

  • परिमार्जन नेगी प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी हैं।
  • ये मूल रूप से चमोली (कोलानी गाँव) के निवासी हैं। इन्होंने वर्ष 2010 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त किया।
  • इन्हें सबसे कम आयु का इण्टरनेशनल मास्टर होने का गौरव प्राप्त है।

जूडो

कमला रावत
  • निवासी - अल्मोड़ा
  • उपाधि - 'ब्लैक बेल्ट फर्स्ट डैन' द्वारा फ्रांस सरकार
  • ये सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैम्पियन (वर्ष 1993 से 2002 तक) रह चुकी हैं।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख जूडो खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
बालेश्वर नाथ पाण्डे
  • ये मूल रूप से हरिद्वार के निवासी हैं।
  • इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 7 स्वर्ण पदक जीते। विश्व सेवा वाटर पोलो प्रतियोगिता में ये रजत पदक विजेता रहे।
हयात सिंह खेतवाल
  • ये मूल रूप से हरिद्वार के निवासी हैं।
  • ये इन्टरनेशनल रेफरी हैं। इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 3 स्वर्ण पदक जीते हैं।
सुश्री मीनू
  • ये प्रथम भारतीय महिला अन्तर्राष्ट्रीय जूडो रेफरी हैं।
संजय जोशी
  • ये उधमसिंह नगर के निवासी हैं तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के जूडो खिलाड़ी हैं।

बैडमिण्टन

लक्ष्य सेन
  • ये मूल रूप से अल्मोड़ा के निवासी हैं। इन्होंने एशियन जूनियर चैम्पियनशिप, 2016 में कांस्य पदक व एशियन जूनियर चैम्पियनशिप, 2018 (जकार्ता) में स्वर्ण पदक जीते हैं। इन्होंने पुरुष एकल वर्ग के विश्व जूनियर रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • ये वर्ष 2022 में थॉमस कप विजेता टीम के सदस्य रहे हैं।
  • वर्ष 2024 में इन्होंने सैय्यद मोदी अन्तर्राष्ट्रीय पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2024 के पेरिस ओलम्पिक में चौथा स्थान प्राप्त किया।

उत्तराखण्ड के अन्य प्रमुख बैडमिण्टन खिलाड़ी

खिलाड़ी विवरण
कुहू गर्ग बी. डब्ल्यू. एफ. आइसलैण्ड इन्टरनेशनल बैडमिण्टन चैम्पियनशिप, 2018 में कुहू गर्ग ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। ये वर्ल्ड सीनियर बैडमिण्टन चैम्पियनशिप में भाग लेने वाली उत्तराखण्ड की पहली शटलर हैं।
चिराग सेन ये राज्य के अल्मोड़ा के निवासी हैं। इन्होंने जूनियर बैडमिण्टन विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
बोधित जोशी वर्ष 2016 में बोधित जोशी ने 15वीं जूनियर बैंक ऑल इण्डिया जूनियर रैंकिंग बैडमिण्टन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इन्होंने इन्टरनेशनल बैडमिण्टन चैम्पियनशिप, 2018 में रजत पदक भी प्राप्त किया है।
मधुमिता बिष्ट इन्हें बैडमिण्टन क्वीन के नाम से जाना जाता है। इन्हें वर्ष 1982 में अर्जुन पुरस्कार एवं वर्ष 2006 में पद्मश्री सम्मान दिया गया।
मनोज सरकार ये पैराबैडमिण्टन खिलाड़ी हैं। इन्होंने पैरालम्पिक बैडमिण्टन की एसएल-3 कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। इन्हें वर्ष 2018 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ताइक्वाण्डो

मनीष सनवाल
इन्होंने 5वीं अन्तर्राष्ट्रीय ताइक्वाण्डो चैम्पियनशिप में स्वर्ण तथा राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता है।

सुरेन्द्र भण्डारी
बीजिंग ओलम्पिक में धावक के रूप में भाग लेने वाले ये उत्तराखण्ड के प्रथम खिलाड़ी हैं। राज्य सरकार ने इन्हें वर्ष 2016 में देवभूमि द्रोणाचार्य सम्मान दिया।

अन्य खेल एवं उनके खिलाड़ी

खेल खिलाड़ी
एथलेटिक्स सुरेशचन्द्र पाण्डे, सुरेन्द्र भण्डारी, अल्मोड़ा (बीजिंग ओलम्पिक में भाग लिया), यशवन्त सिंह रावत, गजेन्द्र सिंह नेगी (देहरादून), हरिप्रसाद भारद्वाज, हरीश तिवारी (नैनीताल), पुष्पा सिंह, हीरा सिंह रौतेला (पिथौरागढ़), सुन्दर सिंह भण्डारी (चमोली), मुकेश राणा, गुरमीत सिंह, मान सिंह, गीता मनराल (एशियन क्रॉस कन्ट्री में भाग लिया व वर्ष 2000 में रजत पदक जीता), चन्दन सिंह, मनीष सिंह रावत, रेनू कोहली (वर्ष 2022 में द्रोणाचार्य पुरस्कार मिला)।
कुश्ती बलजीत सिंह (ऊधमसिंह नगर), कुँवर प्रणय सिंह (हरिद्वार)
नौकायन सुरेन्द्र सिंह कनवासी (चमोली)-ये वर्ष 2001 में अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता हैं। सुरेन्द्र सिंह वाल्दिया (पिथौरागढ़)-वर्ष 1996 में इन्हें अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया।
बास्केटबॉल दिनेश कुमार (देहरादून), सुशील राणा, हरिदत्त कापड़ी-अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता (पिथौरागढ़), विशेष भृगुवंशी-अर्जुन पुरस्कार प्राप्तकर्ता (देहरादून)
वॉलीबॉल अरुण जखमोला (पौड़ी गढ़वाल), ललित मोहन जोशी
टेबल टेनिस शबाली सानू (पिथौरागढ़), गीता टण्डन
बेसबॉल रविन्द्रपाल सिंह मेहता, कल्पना तोमर, भानुप्रकाश शर्मा, नवज्योत सिंह राणा
आइस स्केटिंग निष्ठा पैन्यूली
बॉडीबिल्डर राहुल बिष्ट (मिस्टर इण्डिया का खिताब जीता), भूमिका शर्मा (मिस बॉडी बिल्डर का खिताब जीता)

नई खेल नीति, 2021

राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर, 2021 में राज्य की नई खेल नीति घोषित की गई। इसकी प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार है-
  • ओलम्पिक खेल में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेता को समूह 'ख' पद पर नियुक्ति दी जाएगी।
  • 14 से 23 वर्ष तक के मेधावी खिलाड़ियों को खेल सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

खेल विजन 2030

वर्ष 2030 तक राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय खेल अवस्थापना सुविधाएँ तैयार कर उच्च स्तरीय खेल; जैसे-ओलम्पिक खेल, विश्वकप, एशियाड, कॉमनवेल्थ खेल आदि खेलों में राज्य के खिलाड़ियों को प्रतिभाग कराने का विजन है।
विभिन्न खेलों के अन्तर्गत खिलाड़ियों द्वारा अर्जित किए गए पदकों में 30% तक बढ़ोतरी हेतु कार्य किया जाना है।

38वें राष्ट्रीय खेल

  • आयोजन - 28 जनवरी से 14 फरवरी, 2025 तक उत्तराखण्ड में
  • शुभंकर - मौली (मोनाल-उत्तराखण्ड का राष्ट्रीय पक्षी)
  • एथलीटों को शपथ - प्रसिद्ध बैडमिण्टन खिलाड़ी लक्ष्य सेन द्वारा दिलाई गई
  • मुख्य आयोजन स्थल - राजीव गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर, देहरादून
  • आयोजन स्थल - हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, रुद्रपुर
  • उत्तराखण्ड के पदक - 103 पदक (24 स्वर्ण, 35 रजत, 44 कांस्य)
  • पदक तालिका में - 7वाँ उत्तराखण्ड का स्थान
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।