उत्तराखण्ड की कार्यपालिका
उत्तराखण्ड की कार्यपालिका (राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और महाधिवक्ता) राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे प्रमुख आधार है। यदि आप UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड या राज्य की किसी भी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं, तो यह टॉपिक आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस विषय से परीक्षाओं में अक्सर सीधे और स्कोरिंग प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- राज्यपाल और उनके महत्वपूर्ण तथ्य: उत्तराखण्ड के प्रथम, वर्तमान और महिला राज्यपालों की सम्पूर्ण सूची एवं उनके संवैधानिक अधिकार।
- मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद: राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों का क्रमबद्ध कार्यकाल, सबसे लंबे समय तक रहे मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के गठन से जुड़े महत्वपूर्ण अनुच्छेद (Article 164)।
- राज्य के महाधिवक्ता: प्रथम से लेकर वर्तमान महाधिवक्ता की सूची और उनके प्रमुख कार्य (Article 165)।
- नैनीताल राजभवन का ऐतिहासिक महत्व: उत्तराखण्ड राजभवन के निर्माण का इतिहास, इसके आर्किटेक्ट और बर्मिंघम पैलेस से इसकी रोचक समानता।
कार्यपालिका के अन्तर्गत राज्यपाल, मन्त्रिपरिषद्, मुख्यमन्त्री सचिवालय, कार्यकारी विभाग तथा महाधिवक्ता आते हैं।
राज्यपाल कार्यपालिका का संवैधानिक प्रमुख होता है।
राज्यपाल या गवर्नर
- उत्तराखण्ड के प्रथम राज्यपाल - सुरजीत सिंह बरनाला
- उत्तराखण्ड की प्रथम महिला राज्यपाल - मार्गरेट अल्वा
- दूसरी महिला राज्यपाल - बेबी रानी मौर्य
- उत्तराखण्ड के सबसे कम आयु के राज्यपाल - बी. एल. (बनवारी लाल) जोशी
- राज्यपाल सम्बन्धित राज्यों के विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति एवं राज्य का प्रथम नागरिक होता है।
- राज्यपाल अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति उच्च न्यायालय से परामर्श करके करता है।
उत्तराखण्ड के राज्यपाल
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| सुरजीत सिंह बरनाला | 9 नवम्बर, 2000 से 7 जनवरी, 2003 |
| सुदर्शन अग्रवाल | 8 जनवरी, 2003 से 28 अक्टूबर, 2007 |
| बी. एल. जोशी | 29 अक्टूबर, 2007 से 5 अगस्त, 2009 |
| श्रीमती मार्गरेट अल्वा (प्रथम महिला राज्यपाल) |
6 अगस्त, 2009 से 14 मई, 2012 |
| डॉ. अजीज कुरैशी | 15 मई, 2012 से 7 जनवरी, 2015 |
| कृष्णकान्त पाल | 8 जनवरी, 2015 से 25 अगस्त, 2018 |
| बेबी रानी मौर्य | 26 अगस्त, 2018 से 8 सितम्बर, 2021 |
| गुरमीत सिंह | 9 सितम्बर, 2021 से अब तक |
मन्त्रिपरिषद्
अनुच्छेद-164 के अनुसार, मुख्यमन्त्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है। मन्त्रिपरिषद् राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
राज्य की मन्त्रिपरिषद् का प्रधान मुख्यमन्त्री होता है।
राज्य मन्त्रिपरिषद् में मुख्यमन्त्री सहित मन्त्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। राज्य मन्त्रिपरिषद् में मन्त्रियों की संख्या 12 से कम भी नहीं हो सकती।
उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री एवं उनके कार्यकाल
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| नित्यानन्द स्वामी | 9 नवम्बर, 2000 से 29 अक्टूबर, 2001 |
| भगत सिंह कोश्यारी | 30 अक्टूबर, 2001 से 1 मार्च, 2002 |
| नारायण दत्त तिवारी (सबसे अधिक कार्यकाल) |
2 मार्च, 2002 से 7 मार्च, 2007 |
| भुवनचन्द्र खण्डूरी | 7 मार्च, 2007 से 26 जून, 2009 |
| रमेश पोखरियाल 'निशंक' | 27 जून, 2009 से 10 सितम्बर, 2011 |
| भुवनचन्द्र खण्डूरी | 11 सितम्बर, 2011 से 13 मार्च, 2012 |
| विजय बहुगुणा | 13 मार्च, 2012 से 31 जनवरी, 2014 |
| हरीश रावत | 1 फरवरी, 2014 से 27 मार्च, 2016 |
| राष्ट्रपति शासन | 27 मार्च, 2016 से 21 अप्रैल, 2016 |
| हरीश रावत | 21 अप्रैल, 2016 से 22 अप्रैल, 2016 |
| राष्ट्रपति शासन | 22 अप्रैल, 2016 से 11 मई, 2016 |
| हरीश रावत | 11 मई, 2016 से 18 मार्च, 2017 |
त्रिवेन्द्र सिंह रावत
(18 मार्च, 2017 से 10 मार्च, 2021)
तीरथ सिंह रावत
(10 मार्च, 2021 से 4 जुलाई, 2021)
पुष्कर सिंह धामी
(04 जुलाई, 2021 से अब तक)
महाधिवक्ता
अनुच्छेद-165 के अन्तर्गत राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अहिर्त किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त करता है।
महाधिवक्ता राज्य सरकार की ओर से प्रमुख विधि अधिकारी होता है। यह राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद धारण करता है।
उत्तराखण्ड के महाधिवक्ता
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| ललिता प्रसाद नैथानी (अन्तरिम सरकार में प्रथम) |
1 दिसम्बर, 2000 से 5 अप्रैल, 2002 |
| मेहरबान सिंह नेगी (निर्वाचित सरकार में प्रथम) |
6 अप्रैल, 2002 से 13 मार्च, 2007 |
| एल. पी. नैथानी | 14 मार्च, 2007 से 15 जनवरी, 2010 |
| एस. एन. बाबुलकर | 16 जनवरी, 2010 से 2 अप्रैल, 2012 |
| यू. के. उनियाल | 3 अप्रैल, 2012 से 20 मार्च, 2016 |
| वी. बी. एस. नेगी | 11 जुलाई, 2016 से 11 मार्च, 2017 |
| एस. एन. बाबुलकर | 31 मार्च, 2017 से अब तक |
उत्तराखण्ड का राजभवन
- वर्तमान में राजभवन राज्य के राज्यपाल का आधिकारिक निवास स्थान है।
- नैनीताल में स्थित उत्तराखण्ड का राजभवन इंग्लैण्ड के बर्मिंघम पैलेस के समान बनाया गया है।
- राजभवन का कार्य 27 अप्रैल, 1897 से शुरू होकर वर्ष 1900 में पूरा हुआ। उस समय इसे गवर्नमेण्ट हाउस कहा जाता था।
- नैनीताल राजभवन को आर्किटेक्ट स्टीवंस एवं औरेटेल ने डिजाइन किया था एवं इसका निर्माण सर सन्टोनी मैकडोनाल्ड ने करवाया था।
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