उत्तराखण्ड का जिलेवार परिचय | Uttarakhand Ka Jilewar Parichay

उत्तराखण्ड का जिलेवार परिचय

उत्तराखण्ड का भौगोलिक और ऐतिहासिक अध्ययन किसी भी परीक्षा में सफलता की कुंजी है। इस विशेष लेख में हम 'उत्तराखण्ड का जिलेवार परिचय' लेकर आए हैं, जिसमें राज्य के सभी 13 जिलों का सटीक विवरण दिया गया है। यह विषय UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • गढ़वाल और कुमाऊँ मण्डल का विस्तृत विवरण: दोनों मण्डलों के अंतर्गत आने वाले सभी 13 जिलों की स्थापना वर्ष, मुख्यालय और क्षेत्रफल (वर्ग किमी) की सटीक जानकारी।
  • प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल: बद्रीनाथ, केदारनाथ, हर की पौड़ी से लेकर नैनी झील, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान और अन्य प्रसिद्ध स्थलों की सूची।
  • ऐतिहासिक और परीक्षा उपयोगी तथ्य: जिलों के प्राचीन नाम, रियासतों के विलय, प्रशासनिक बदलाव और कुछ ऐसे महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य जो सीधे परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
  • रिवीज़न के लिए बेहतरीन शॉर्ट नोट्स: कम समय में पूरे राज्य का भौगोलिक व ऐतिहासिक खाका दिमाग में बैठाने के लिए एक शानदार और संक्षिप्त डेटाबेस।
उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 9 नवम्बर, 2000 को उत्तराखण्ड भारत गणराज्य का 27वाँ राज्य बना। इस राज्य को प्रशासनिक रूप से 2 मण्डल व 13 जिलों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रत्येक का अपना विशिष्ट इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक महत्त्व है।

गढ़वाल मण्डल (Garhwal Mandal)


1. देहरादून

  • मुख्यालय: देहरादून शहर
  • स्थापना: 1817
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 3,088
  • प्रमुख पर्यटन: टपकेश्वर मन्दिर, सहस्रधारा, मालसी डियर पार्क, लक्ष्मण सिद्ध, चन्द्रबाणी, साई दरबार, तिब्बती मन्दिर और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
  • अन्य तथ्य: 1817 सहारनपुर मण्डल में शामिल, 1825 कुमाऊँ कमिश्नरी में, 1975 गढ़वाल मण्डल में, 1998 नगर निगम

2. हरिद्वार

  • मुख्यालय: हरिद्वार शहर
  • स्थापना: 28 दिसम्बर, 1988
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 2,360
  • प्रमुख पर्यटन: हर की पौड़ी, चण्डी देवी मन्दिर, मनसा देवी मन्दिर, राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, सप्त ऋषि आश्रम और शान्त कुंज
  • अन्य तथ्य: महाभारतकालीन नाम: गंगाद्वार, खाण्डव वन यहीं था

3. टिहरी गढ़वाल

  • मुख्यालय: नई टिहरी
  • स्थापना: 1949
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 3,642
  • प्रमुख पर्यटन: टिहरी झील, देवप्रयाग, कुंजापुरी, नई टिहरी, सुरकण्डा देवी मन्दिर, धनोल्टी और केम्पटी फॉल
  • अन्य तथ्य: 1824 रवांई परगना टिहरी में शामिल, 1 अगस्त, 1949 जिला बना, पहले टिहरी रियासत, 1960 उत्तरकाशी अलग, 1997 रुद्रप्रयाग अलग

4. पौड़ी गढ़वाल

  • मुख्यालय: पौड़ी शहर
  • स्थापना: 1840
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 5,230
  • प्रमुख पर्यटन: कण्डोलिया मन्दिर, क्यूंकालेश्वर महादेव मन्दिर, नागदेव मन्दिर, बिनसर महादेव मन्दिर, डांडा नागराज मन्दिर, खिरसू, दूधातोली, रामगंगा बाँध
  • अन्य तथ्य: 1969 गढ़वाल मण्डल मुख्यालय, 1992 हिल स्टेशन घोषित

5. रुद्रप्रयाग

  • मुख्यालय: रुद्रप्रयाग शहर
  • स्थापना: 1997
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 1,984
  • प्रमुख पर्यटन: केदारनाथ मन्दिर, मदमहेश्वर मन्दिर, तुंगनाथ मन्दिर, कल्पेश्वर मन्दिर, रुद्रनाथ मन्दिर, देवरियाताल
  • अन्य तथ्य: 1989 तहसील, प्राचीन नाम पुनाड़, 2002 नगर पंचायत, 2006 नगरपालिका

6. चमोली

  • मुख्यालय: गोपेश्वर
  • स्थापना: 24 फरवरी, 1960
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 8,030
  • प्रमुख पर्यटन: बद्रीनाथ मन्दिर, हेमकुण्ड साहिब, फूलों की घाटी और औली स्की रिसॉर्ट
  • अन्य तथ्य: प्राचीन नाम लाल सांगा, ऋषि-मुनियों की तपस्थली

7. उत्तरकाशी

  • मुख्यालय: उत्तरकाशी शहर
  • स्थापना: 24 फरवरी, 1960
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 8,016
  • प्रमुख पर्यटन: गंगोत्री, यमुनोत्री, डोडीताल झील, दयारा बुग्याल, गौमुख और नेलांग घाटी
  • अन्य तथ्य: प्रारम्भ में पंवार/परमार वंश, 1803-1815 गोरखा शासन

कुमाऊँ मण्डल (Kumaon Mandal)


1. नैनीताल

  • मुख्यालय: नैनीताल शहर
  • स्थापना: 1891
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 4,251
  • प्रमुख पर्यटन: नैनी झील, नैना देवी मन्दिर, टिफिन टॉप, स्नो व्यू प्वॉइण्ट, माल रोड और भीमताल
  • अन्य तथ्य: 1882 काठगोदाम तक रेल, 1891 जिला गठन

2. अल्मोड़ा

  • मुख्यालय: अल्मोड़ा शहर
  • स्थापना: 1891
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 3,139
  • प्रमुख पर्यटन: नन्दा देवी मन्दिर, जागेश्वर धाम, कटारमल सूर्य मन्दिर, कसार देवी मन्दिर, चितई गोलू देवता मन्दिर, गणनाथ मन्दिर, गोविन्द बल्लभ पन्त संग्रहालय, ल्वेथाप की गुफाएँ
  • अन्य तथ्य: 1816 जेल स्थापना, 1872 नई जेल बनी

3. चम्पावत

  • मुख्यालय: चम्पावत नगर
  • स्थापना: 15 सितम्बर, 1997
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 1,766
  • प्रमुख पर्यटन: बालेश्वर मन्दिर, पूर्णागिरी मन्दिर, आदित्य मन्दिर, लोहाघाट, श्यामलाताल झील
  • अन्य तथ्य: कुमाऊँ का पहला नगर, गोलू देवता का मूल निवास

4. बागेश्वर

  • मुख्यालय: बागेश्वर शहर
  • स्थापना: 15 सितम्बर, 1997 अल्मोड़ा से अलग जिला
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 2,246
  • प्रमुख पर्यटन: बागनाथ मन्दिर, चण्डिका मन्दिर, हरुनाथ मन्दिर, पिण्डारी ग्लेशियर और काण्डा
  • अन्य तथ्य: पौराणिक नाम अग्नितीर्थ

5. पिथौरागढ़

  • मुख्यालय: पिथौरागढ़ शहर
  • स्थापना: 24 फरवरी, 1960
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 7,090
  • प्रमुख पर्यटन: नकुलेश्वर मन्दिर, पिथौरागढ़ किला और थल केदार
  • अन्य तथ्य: गोरखों का सिमलगढ़ दुर्ग, अंग्रेजों ने नाम रखा लन्दन फोर्ट

6. उधमसिंह नगर

  • मुख्यालय: रुद्रपुर
  • स्थापना: अक्टूबर, 1995
  • क्षेत्रफल (वर्ग किमी): 2,542
  • प्रमुख पर्यटन: चैती मन्दिर (माता बालासुंदरी मन्दिर), गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब, अटरिया मन्दिर, मोटेश्वर महादेव मन्दिर
  • अन्य तथ्य: खटीमा पूर्व नाम मकरपुर, किच्छा पूर्व नाम दरऊ
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।