उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय
उत्तराखण्ड के प्रशासनिक और न्यायिक ढाँचे को समझना हर प्रतियोगी छात्र के लिए बेहद जरूरी है। प्रस्तुत लेख में हमने 'उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय' के ऐतिहासिक और संवैधानिक पहलुओं को बेहद सरल शब्दों में समझाया है। यह महत्वपूर्ण टॉपिक UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard सहित राज्य की अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक उपयोगी है।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- संवैधानिक प्रावधान: संविधान के अनुच्छेद-214 और 216 के तहत उच्च न्यायालय के गठन और नियमों की विस्तृत जानकारी।
- स्थापना और न्यायाधीश: उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय (देश का 20वाँ उच्च न्यायालय) की स्थापना और न्यायाधीशों की संख्या (गठन के समय और वर्तमान) से जुड़े अहम तथ्य।
- न्याय पंचायतें: राज्य में पंचायती राज कानून के तहत गठित न्याय पंचायतों के अधिकार और उनकी सुनवाई (₹500 तक के मामलों) की सीमा।
- ऐतिहासिक भवन: नैनीताल स्थित 100 वर्ष से अधिक पुराने उच्च न्यायालय भवन का इतिहास, जिसका निर्माण 1900 में सर सन्टोनी मैक्डोनाल्ड ने करवाया था और इसके विभिन्न कक्षों का विस्तार।
संविधान के अनुच्छेद-214 के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए उच्च न्यायालय का प्रावधान है।
अनुच्छेद-216 उच्च न्यायालय के गठन से सम्बन्धित है। यह मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बना होता है।
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय का गठन 2 नवम्बर, 2000 (20वाँ उच्च न्यायालय) को हुआ था। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या वर्तमान में 11 (गठन के समय 7) है।
पंचायती राज कानून के तहत राज्य ने न्याय पंचायतों का भी गठन किया है, जो कुछ मामलों में ₹500 तक के मामलों की सुनवाई कर सकता है।
उत्तराखण्ड के मुख्य न्यायाधीश
| न्यायाधीश | कार्यकाल अवधि |
|---|---|
| अशोक ए. देसाई (कार्यवाहक) | 9 नवम्बर, 2000 - 4 दिसम्बर, 2000 |
| अशोक ए. देसाई | 6 दिसम्बर, 2000 - 31 मार्च, 2003 |
| पी. सी. वर्मा | 1 अप्रैल, 2003 - 4 अगस्त, 2003 |
| एस. एच. कपाड़िया | 5 अगस्त, 2003 - 17 दिसम्बर, 2003 (38वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दी) |
| पी. सी. वर्मा (कार्यवाहक) | 18 दिसम्बर, 2003 - 24 जुलाई, 2004 |
| वी. एस. सिरपुरकर | 24 जुलाई, 2004 - 11 मार्च, 2005 |
| सीरिअस जोसफ | 20 मार्च, 2005 - 7 जनवरी, 2006 |
| राजीव गुप्ता | 14 जनवरी, 2006 - 1 फरवरी, 2008 |
| वी. के गुप्ता | 2 फरवरी, 2008 - 9 सितम्बर, 2009 |
| वी. सी. काण्डपाल (कार्यवाहक) | 10 सितम्बर, 2009 - 28 नवम्बर, 2009 |
| जगदीश सिंह खेहर | 21 नवम्बर, 2009 - 7 अगस्त, 2010 (44वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दी) |
| वरिन घोष | 8 अगस्त, 2010 - 30 जुलाई, 2014 |
| के. एम. जोसफ | 31 जुलाई, 2014 - 1 नवम्बर, 2018 |
| श्री विपिन सांघी | 2 सितम्बर, 2022 - 26 दिसम्बर, 2024 |
| गुहनाथन नरैदर | 26 दिसम्बर, 2024 - अब तक |
उत्तराखण्ड का उच्च न्यायालय भवन
राज्य का उच्च न्यायालय भवन (राजभवन) नैनीताल में स्थित है। यह लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना है। इसका निर्माण सर सन्टोनी मैक्डोनाल्ड ने वर्ष 1900 में कराया था।
प्रारम्भ में उच्च न्यायालय में पाँच न्यायालय कक्ष थे, परन्तु बाद में इसमें और कक्षों का निर्माण किया गया। वर्ष 2007 में एक विशाल मुख्य न्यायाधीश ब्लॉक और वकीलों के कक्षों का भी एक ब्लॉक बनाया गया था।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें