उत्तराखण्ड भाषा संस्थान एवं हिन्दी अकादमी
उत्तराखण्ड राज्य के भाषा विकास और साहित्यिक धरोहर को गहराई से समझने के लिए 'उत्तराखण्ड भाषा संस्थान एवं हिन्दी अकादमी' एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह टॉपिक बेहद उपयोगी है, जहाँ इस संस्थान की स्थापना और इसके कार्यों से जुड़े प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- उत्तराखण्ड भाषा संस्थान और उत्तराखण्ड हिन्दी अकादमी की स्थापना (वर्ष 2009) से जुड़े महत्वपूर्ण और परीक्षापयोगी तथ्य।
- हिन्दी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के शोध, प्रचार-प्रसार और सरकारी गजटों के अनुवाद में इन संस्थाओं का मुख्य योगदान।
- वर्ष 2011 में हुए उस महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी, जब हिन्दी अकादमी के नाम के साथ महान साहित्यकार डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल जी का नाम जोड़ा गया।
उत्तराखण्ड भाषा संस्थान एवं उत्तराखण्ड हिन्दी अकादमी की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी।
इन संस्थाओं द्वारा हिन्दी एवं अन्य भाषाओं का शोध, अनुवाद, प्रचार-प्रसार, सरकारी गजटों का अनुवाद आदि किया जाता है।
वर्ष 2011 में हिन्दी अकादमी के आगे डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल का नाम जोड़ा गया।
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