उत्तराखण्ड में आर्थिक व्यवस्था

उत्तराखण्ड में आर्थिक व्यवस्था

उत्तराखण्ड राज्य की आर्थिक और बैंकिंग व्यवस्था को समझना किसी भी प्रतियोगी छात्र के लिए बेहद जरूरी है। यह विषय UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard जैसी सभी महत्वपूर्ण उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी और स्कोरिंग है। इस लेख में हमने राज्य के नवीनतम बजट, आय के स्रोतों और ऐतिहासिक बैंकिंग व्यवस्था का सटीक विश्लेषण किया है जो परीक्षा में आपके अंक पक्के करेगा।
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इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
  • उत्तराखण्ड का आर्थिक स्वरूप और बजट 2025-26: राज्य की वर्तमान प्रति व्यक्ति आय, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और हालिया बजट के सबसे महत्त्वपूर्ण आँकड़े जो सीधे परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
  • आय के प्रमुख स्रोत: राज्य सरकार की आय के मुख्य साधन, अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान और GST व्यवस्था से जुड़ी महत्त्वपूर्ण जानकारी।
  • उत्तराखण्ड का ऐतिहासिक बैंकिंग सफर: पंडित गोविन्द बल्लभ पंत के सहयोग से स्थापित नैनीताल बैंक (1922) से लेकर देहरादून में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना तक के मुख्य तथ्य।
  • उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक: चार विभिन्न बैंकों के विलय से 1 नवम्बर 2012 को अस्तित्व में आए 'उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक' की स्थापना से जुड़े महत्त्वपूर्ण और रोचक परीक्षा उपयोगी बिंदु।
राज्य के गठन के समय उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था ₹14,501 करोड़ थी एवं प्रतिव्यक्ति आय ₹15,286 थी।
राज्य का पहला बजट रमेश पोखरियाल निशंक ने 3 मई, 2001 को पेश किया था।
राज्य आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹332.99 हजार करोड़ (प्रचलित भावों पर) व ₹204.32 हजार करोड़ स्थिर भावों पर) है।
प्रति व्यक्ति आय - ₹ 246178

बजट 2025-26 के महत्त्वपूर्ण आँकड़े

व्यय का अनुमान
  • राजस्व व्यय - ₹ 59954.65 करोड़
  • पूँजीगत व्यय - ₹ 41220.68 करोड़
  • पूँजीगत परिव्यय - ₹ 14763.13 करोड़

राजस्व अधिशेष
जीएलडीपी का 0.6%
  • राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.9% (लक्ष्य)
  • कृषि क्षेत्र में 2024-25 में 7.51% (जीडीपी में) की वृद्धि
  • केन्द्रीय करों में राज्य का भाग ₹13637 करोड़ (बजट अनुमान)
  • वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान (प्रचलित भाव पर) 9.43% है। UKPSC 2025

उत्तराखण्ड में आय के प्रमुख स्रोत

GST (वस्तु एवं सेवा कर) के अन्तर्गत राज्य SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) वसूलता है, जबकि केन्द्र द्वारा CGST (केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर) एवं IGST (एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर) के माध्यम से कर संग्रह किया जाता है।
उत्तराखण्ड में आय के प्रमुख साधन कृषि, पर्वतीय वन संसाधन, पर्यटन, तीर्थाटन औद्योगिक, फल एवं दुग्ध उत्पाद इत्यादि।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की आय प्राप्तियों के अन्य मुख्य स्रोत-
  • भारत सरकार से मिली सहायता और ऋण
  • राज्य सरकार के स्वयं के कर और करेत्तर राजस्व

उत्तराखण्ड में बैंकिंग व्यवस्था

  • राज्य में वर्ष 1922 में नैनीताल बैंक की स्थापना पण्डित गोविन्द बल्लभ पन्त के सहयोग से की गई थी।
  • नाबार्ड ने राजपुर (देहरादून) में अपनी एक शाखा खोली है, जिसके माध्यम से कृषि क्षेत्र में पूँजीगत निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • 5 मई, 2006 को मसूरी में भारतीय रिजर्व बैंक की बैठक हुई, जिसमें तत्कालीन गवर्नर वाई वी रेड्डी शामिल हुए थे। इस बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर 30 जून, 2006 को देहरादून में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया गया।

उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक

  • 1 नवम्बर, 2012 को उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की स्थापना की गई। इसे चार बैंकों-नैनीताल-अल्मोड़ा किसान ग्रामीण बैंक, गंगा-जमुना ग्रामीण बैंक, पिथौरागढ़ किसान ग्रामीण बैंक और अलकनन्दा ग्रामीण बैंक को मिलाकर बनाया गया था।
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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, नदी प्रणालियों और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।