उत्तराखण्ड में आपदा प्रबन्धन
उत्तराखण्ड एक संवेदनशील हिमालयी राज्य है, जहाँ प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए 'उत्तराखण्ड में आपदा प्रबन्धन' (Disaster Management) परीक्षा की दृष्टि से एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। यह टॉपिक आगामी UKPSC, UKSSSC, उत्तराखण्ड पुलिस, पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक उपयोगी और स्कोरिंग है।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- देश का पहला आपदा प्रबन्धन मंत्रालय: जानिए कैसे उत्तराखण्ड ने ऑस्ट्रेलिया मॉडल अपनाकर आपदा प्रबन्धन में देश में पहली बार नया कीर्तिमान स्थापित किया।
- आपातकालीन सेवाएँ और SDRF: राज्य (1070) तथा जिला (1077) स्तरीय टोल-फ्री नंबर और NDRF की तर्ज पर SDRF के गठन से जुड़े महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
- तकनीकी कदम और सुरक्षा: IIT रुड़की के सहयोग से राज्य में लागू 'अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' (EWS) और सरकारी भवनों के लिए रैपिड विजुअल स्क्रीनिंग (RVS) तकनीक की अहम जानकारी।
- CBSE का विशेष पाठ्यक्रम: वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा पर आधारित CBSE द्वारा शामिल किए गए विशेष पाठ्यक्रम "डिजास्टर इन उत्तराखण्ड रेन ऑफ टेरर" के बारे में।
प्राकृतिक आपदाओं को रोक पाना असम्भव है, परन्तु फिर भी पूर्व तैयारी, बचाव, राहत कार्य, पुनर्वास आदि के द्वारा इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसे आपदा प्रबन्धन कहा जाता है।
- आपदा प्रबन्धन मन्त्रालय का गठन करने वाला देश का प्रथम राज्य उत्तराखण्ड है।
- उत्तराखण्ड में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर आपदा प्रबन्धन मन्त्रालय तथा आपदा प्रबन्धन मन्त्री की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर आपदा प्रबन्धन एवं न्यूनीकरण केन्द्र, उत्तराखण्ड आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, उत्तराखण्ड आपदा प्रतिक्रिया निधि और उत्तराखण्ड आपदा न्यूनीकरण निधि का गठन किया गया है।
- राज्य में आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नम्बर, 1070 (राज्य स्तरीय आपातकालीन केन्द्र) तथा 1077 (जिला स्तरीय आपातकालीन केन्द्र) जारी किए गए हैं।
- राज्य सरकार ने जुलाई, 2013 से नदी तटों के किनारे 200 मी तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
- 21 जुलाई, 2013 को राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के आधार पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के गठन को मंजूरी प्रदान की।
- 9 अगस्त, 2018 को केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की एक बटालियन स्थायी रूप से आवण्टित कर दी है।
- भूकम्प से बचाव हेतु अरली वॉर्निंग सिस्टम (Early Warning System, EWS) राज्य में लगाए जाने हेतु आई.आई.टी, रुड़की से अनुबन्ध किया गया है।
- CBSE बोर्ड ने डिजास्टर इन उत्तराखण्ड रेन ऑफ टेरर नामक पाठ्यक्रम को 16-17 जून, 2013 में शामिल किया।
- राज्य के सरकारी भवनों को भूकम्परोधी बनाने हेतु रैपिड विजुअल स्क्रीनिंग (Rapid Visual Screening, RVS) कराया जा रहा है।
उत्तराखण्ड की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की शानदार और सटीक तैयारी के लिए हमारी वेबसाइट https://www.uttarakhandgk.com/ पर नियमित रूप से विजिट करें। अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए वेबसाइट का नाम हमेशा याद रखें - WWW.UTTARAKHANDGK.COM!

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें