सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति, 2023
उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास, सरकारी नीतियों और प्रमुख औद्योगिक संस्थानों से जुड़े प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होते हैं। यह टॉपिक UKPSC, UKSSSC, Uttarakhand Police, Patwari, Forest Guard जैसी सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। अपनी तैयारी को सटीक बनाने और परीक्षा में निश्चित सफलता पाने के लिए इस विषय का गहन अध्ययन आपके लिए बेहद जरूरी है।
इस लेख में आप क्या-क्या पढ़ेंगे:
- उत्तराखण्ड की नवीनतम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति (MSME) 2023 और स्टार्ट-अप नीति 2022 के प्रमुख लक्ष्य, इन्क्यूबेशन सेण्टर और वित्तीय प्रोत्साहन से जुड़ी अहम जानकारी।
- राज्य के औद्योगिक विकास की रीढ़ माने जाने वाले सिडकुल (SIDCUL) की स्थापना, इसके मुख्य कार्य और एकीकृत औद्योगिक आस्थानों (जैसे हरिद्वार और पन्तनगर) के परीक्षापयोगी तथ्य।
- हरिद्वार स्थित स्वदेशी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का इतिहास तथा राज्य के प्रमुख मेगा फूड पार्क्स (पतंजलि एवं हिमालयन) का विवरण।
- रुद्रपुर इण्डस्ट्रियल एरिया और राज्य में रोजगार व औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने वाली 'मेगा इंडस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति' के जरूरी बिंदु।
उत्तराखण्ड सरकार ने अगस्त, 2023 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति, 2023 की घोषणा की
उद्देश्य
- इसके अन्तर्गत अगले पाँच वर्षों में प्रत्येक वर्ष 1000 नए स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
- इसके अन्तर्गत जिले में ही नेटवर्क व अन्य आधारभूत सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके विकास में तेजी आएगी।
- इस नीति के अन्तर्गत पंजीकृत स्टार्टअप को प्रत्येक महीने ₹5000 की आर्थिक मदद दी जाएगी।
- अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग व अन्य विशेष वर्ग से आने वाले स्टार्टअप को सहायता राशि ₹20000 प्रति माह दी जाएगी।
- राज्य में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- पहले से स्थापित इकाइयों के उन्नयन और समस्या के निराकरण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।
सिडकुल (SIDCUL)
- SIDCUL का पूर्ण रूप State Industrial Development Corporation of Uttarakhand Limited (राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड) है।
- राज्य में सिडकुल की स्थापना वर्ष 2002 में की गई थी। इसका मुख्य कार्य राज्य में औद्योगिक अवस्थापना के लिए सुविधाओं का विकास करना है।
- यह देश का प्रथम एकीकृत औद्योगिक विकास निगम है। इसमें राज्य सरकार के अतिरिक्त भारतीय औद्योगिक ऋण एवं निवेश निगम, भारतीय जीवन बीमा निगम, लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इण्डिया आदि संस्थानों की पूँजी लगी हुई है।
- पन्तनगर, हरिद्वार एवं सितारगंज शहर सिडकुल द्वारा विकसित किए गए हैं।
- आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार सिडकुल ने राज्य में 7 एकीकृत औद्योगिक आस्थान, 9 वृहद औद्योगिक आस्थान तथा 21 लघु औद्योगिक आस्थानों का विकास किया है।
- एकीकृत औद्योगिक आस्थान हरिद्वार में सर्वाधिक उद्योगों की स्थापना की गई है, इसी कारण राज्य में सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला जिला हरिद्वार है।
- एकीकृत औद्योगिक आस्थान पन्तनगर (उधमसिंह नगर) का क्षेत्रफल सर्वाधिक है।
प्रमुख औद्योगिक संस्थान आस्थान
| नाम | स्थिति |
|---|---|
| एकीकृत औद्योगिक आस्थान | हरिद्वार |
| एकीकृत औद्योगिक आस्थान | पन्तनगर (उधमसिंह नगर) |
| फार्मासिटी | सेलाकुई (देहरादून) |
| एल्डिको सिडकुल इण्डस्ट्रियल पार्क लिमिटेड | सितारगंज (उधमसिंह नगर) |
| सिगड्डी ग्रोथ सेन्टर | कोटद्वार (पौड़ी) |
| आई. टी. पार्क | सहस्रधारा (देहरादून) |
| सिडकुल फेज-2 | सितारगंज (उधमसिंह नगर) |
उत्तराखण्ड स्टार्ट-अप नीति, 2022
उत्तराखण्ड सरकार ने स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति 2022 की घोषणा की।
नई स्टार्ट-अप नीति के अन्तर्गत 5 वर्षों में 1000 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देना, प्रत्येक जिले में कम-से-कम 1 इन्क्यूबेशन सेण्टर तथा पूरे राज्य में 30 इन्क्यूबेशन सेण्टर स्थापित करने का लक्ष्य है।
इन्क्यूबेशन सेण्टर के अन्तर्गत नए स्टार्ट-अप्स को सभी प्रकार के सहयोग व सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड
- पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की स्थापना योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के द्वारा वर्ष 2006 में हरिद्वार में की गई थी। PATANJALI
- राज्य में स्थित आधुनिक उपकरणों वाली एक औद्योगिक इकाई है।
- यह स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाली विश्वव्यापी सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी है। यह पूर्ण रूप से स्वदेशी (भारतीय) कम्पनी है।
- राज्य का पहला फूड पार्क पतंजलि हर्बल फूड पार्क हरिद्वार तथा दूसरा फूड पार्क हिमालयन मेगा फूड पार्क काशीपुर में स्थित है।
- मेगा इण्डस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेण्ट नीति 2021 का उद्देश्य राज्य में औद्योगिकीकरण, आर्थिक विकास तथा रोजगार को बढ़ावा देना है।
- यह नीति 31 मार्च, 2025 तक प्रभावी रहेगी।
रुद्रपुर इण्डस्ट्रियल एरिया
रुद्रपुर, उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर जिले का एक नगर है। जनसंख्या के आधार पर यह उत्तराखण्ड का पाँचवाँ सबसे बड़ा नगर है। अधिक जनसंख्या के कारण इसे इण्डस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित किया गया है।
स्टेट इण्डस्ट्रियल डेवलपमेण्ट को-ऑपरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (SIDCUL) के द्वारा विकसित रुद्रपुर इण्डस्ट्रियल सीमा में ऑटोमोबाइल, केमिकल, ऑटो पार्ट्स, प्लाईवुड, राइस मिल स्टील, टेक्सटाइल आदि के उद्योग स्थापित हैं।
उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास योजनाएँ
| योजना | विवरण |
|---|---|
| लघु उद्योगों की स्थापना |
|
| महिला उद्यमी विशेष प्रोत्साहन (2015) |
|
| मुख्यमन्त्री स्वरोजगार योजना |
|
| खादी ग्रामोद्योग बोर्ड |
|
| एक जनपद दो उत्पाद योजना |
|
एक जनपद दो उत्पाद की चिह्नित सूची
| जिला | एमएसएमई विभाग द्वारा चिह्नित उत्पाद |
|---|---|
| अल्मोड़ा | ट्वीड व बाल मिठाई |
| बागेश्वर | ताम्र शिल्प उत्पाद व मण्डुवा बिस्किट |
| चम्पावत | लौह शिल्प व हाथ से बने उत्पाद |
| चमोली | हथकरघा उत्पाद व ऐरोमेटिक हर्बल उत्पाद |
| देहरादून | बेकरी उत्पाद व मशरूम |
| हरिद्वार | जगरी (गुड) व शहद |
| नैनीताल | ऐपण क्राफ्ट व कैण्डिल क्राफ्ट |
| पिथौरागढ़ | ऊनी कारपेट व मुनस्यारी राजमा |
| पौड़ी | हर्बल उत्पाद व लकड़ी के फर्नीचर |
| रुद्रप्रयाग | मन्दिर अनुकृति हस्तशिल्प व प्रसाद |
| टिहरी | नेचुरल फाइबर उत्पाद व टिहरी नथ |
| उधमसिंह नगर | मेंथा तेल व मूंज घास उत्पाद |
| उत्तरकाशी | ऊनी (बैंडी उत्पाद) व सेब से बने उत्पाद |
उत्तराखण्ड की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की शानदार और सटीक तैयारी के लिए हमारी वेबसाइट https://www.uttarakhandgk.com/ पर नियमित रूप से विजिट करें। अपनी तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए वेबसाइट का नाम हमेशा याद रखें - WWW.UTTARAKHANDGK.COM!

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें